आरंग: प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आरंग स्थित ‘गिरिजा इंडेन गैस एजेंसी’ को सील कर दिया है। एजेंसी के संचालन में लगातार मिल रही शिकायतों और भारी लापरवाही के बाद इंडियन ऑयल कार्पोरेशन के वरिष्ठ अधिकारियों ने यह कदम उठाया है। इस कार्रवाई से क्षेत्र के लगभग 20 हजार गैस उपभोक्ताओं के सामने सिलेंडर की किल्लत का संकट खड़ा हो गया है।


प्राप्त जानकारी के अनुसार, एजेंसी की कार्यप्रणाली को लेकर आम जनता में लंबे समय से आक्रोश था। मामले की गंभीरता को देखते हुए बीते 1 अप्रैल को आरंग नगर पालिका में एक विशेष बैठक बुलाई गई थी। इस बैठक में नगर पालिका अध्यक्ष, पार्षद, खाद्य निरीक्षक राकेश साहू और एजेंसी संचालक हिमांशु सिंह ठाकुर उपस्थित थे। बैठक के दौरान एजेंसी की गंभीर लापरवाही उजागर हुई थी, जिसके बाद संचालक को व्यवस्था सुधारने के लिए 10 दिनों का अल्टीमेटम दिया गया था। हालांकि, समय सीमा बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी रही और उपभोक्ताओं को अब भी घंटों कतार में खड़ा होना पड़ रहा था। इसी निष्क्रियता के चलते प्रशासन को एजेंसी सील करने का कठोर निर्णय लेना पड़ा।

शिवसेना का विरोध: “जनता को भुगतना पड़ेगा खामियाजा”

एजेंसी सील होने के बाद राजनीतिक हलकों में प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है। शिवसेना ने इस कार्रवाई से उत्पन्न होने वाली समस्याओं को लेकर चिंता जताई है। शिवसेना पार्षद खुशबू राकेश शर्मा ने कहा कि एजेंसी सील होने से आरंग और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के हजारों उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
शिवसेना के केशव वैष्णव, राज दुबे और पार्षद उमाकांत यादव ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि अधिकारियों ने बिना उपभोक्ताओं की जानकारी के 900 गैस कनेक्शनों को ‘सत्कार गैस एजेंसी’ में ट्रांसफर कर दिया है, जो पूरी तरह गलत है। उन्होंने कहा कि पहले से ही क्षेत्र में गैस एजेंसी की भारी कमी है और पूर्व में भी कई बार ज्ञापन देकर नई एजेंसी खोलने की मांग की गई है, लेकिन प्रशासन ने सुध नहीं ली।
शिवसेना ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि जनहित में इस स्थिति का कोई वैकल्पिक और ठोस समाधान नहीं निकाला गया, तो वे आम उपभोक्ताओं को साथ लेकर उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।

फिलहाल, आरंग के हजारों उपभोक्ताओं की नजरें अब प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं कि वे गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए क्या व्यवस्था करते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed

error: Content is protected !!