आरंग:-आरंग क्षेत्र में पिछले दो दिनों से हो रही लगातार और भारी बारिश ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। लगातार हो रही इस मूसलाधार बारिश के कारण क्षेत्र के नदी, नाले और जलस्रोत उफान पर हैं, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति निर्मित हो गई है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है और जलभराव वाले क्षेत्रों पर लगातार नजर रखी जा रही है।

समोदा बैराज के खोले गए 16 गेट, तटीय गांवों में अलर्ट जारी

नदियों में पानी के भारी आवक को देखते हुए समोदा बैराज के सभी 16 गेट खोल दिए गए हैं, जिससे भारी मात्रा में पानी छोड़ा जा रहा है। बैराज के गेट खोले जाने के बाद महानदी के तटीय इलाकों और आसपास के निचले गांवों में प्रशासन द्वारा अलर्ट जारी कर दिया गया है। ग्रामीणों को नदी-नालों के पास न जाने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की मुनादी कराई जा रही है। कोटवारों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

किसानों की मेहनत पर फिरा पानी, खेत बने तालाब

इस आफत की बारिश ने सबसे ज्यादा मार क्षेत्र के अन्नदाता पर सौंपी है। लगातार बारिश के कारण आरंग क्षेत्र के सैकड़ों एकड़ खेत पूरी तरह से जलमग्न हो चुके हैं। खेतों में पानी भर जाने से किसानों की महीनों की कड़ी मेहनत पानी में डूबती नजर आ रही है। हाल ही में की गई बुआई और थरहा (नर्सरी) पानी में डूबने के कारण सड़ने की कगार पर हैं।किसान नेता पारस नाथ साहू ने वर्तमान स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि लगातार हो रही भारी बारिश के कारण आरंग क्षेत्र के अधिकांश खेतों में पानी भर गया है। धान और अन्य फसलें पूरी तरह जलमग्न हो चुकी हैं। अगर अगले एक से दो दिनों के भीतर खेतों से पानी खाली नहीं हुआ, तो फसलें सड़ जाएंगी और पूरी तरह बर्बाद हो जाएंगी। इससे क्षेत्र के किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा, जिससे उनकी कमर टूट जाएगी।किसानों के इस दर्द को समझते हुए स्थानीय प्रशासन और राज्य सरकार से तुरंत दखल देने की अपील की है।

यातायात बाधित, जनजीवन थमा

नदी-नालों के उफान पर होने के कारण कई ग्रामीण मार्गों और पुल-पुलियों के ऊपर से पानी बह रहा है, जिससे दर्जनों गांवों का संपर्क ब्लॉक मुख्यालय से टूट गया है। मार्ग बंद होने के कारण लोग घरों में ही कैद रहने को मजबूर हैं। दैनिक मजदूरी करने वाले और छोटे व्यापारियों का धंधा भी इस बारिश के कारण पूरी तरह ठप हो गया है।

प्रशासनिक अधिकारियों ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी आपातकालीन स्थिति में तुरंत स्थानीय कंट्रोल रूम या बाढ़ नियंत्रण कक्ष को सूचित करें और उफान पर चल रहे पुल-पुलियों को पार करने का जोखिम कतई न उठाएं।

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