महानदी के ऊपरी कैचमेंट इलाकों में हो रही लगातार भारी बारिश के कारण नदियां उफान पर हैं। महानदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण आरंग क्षेत्र के तटीय गांव निसदा में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। स्थिति उस समय चिंताजनक हो गई, जब गांव के बीचों-बीच जलभराव बढ़ने से एक ही परिवार के 06 सदस्य अपने ही घर में चारों तरफ से पानी से घिर गए।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन हरकत में आया और आरंग एसडीएम अभिलाषा पैकरा, तहसीलदार बाबूलाल कुर्रे तथा थाना प्रभारी हरीश साहू दल-बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए प्रशासन द्वारा SDRF (स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स) की टीम को बुलाया गया है।

सुबह दी गई थी चेतावनी, परिवार ने घर छोड़ने से किया था इनकार
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जलभराव की चपेट में आने वाला परिवार निसदा गांव निवासी सियाराम साहू का है। आज सुबह जब महानदी का जलस्तर बढ़ना शुरू हुआ, तो ग्रामीणों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने सियाराम साहू और उनके परिवार को समय रहते घर खाली कर सुरक्षित स्थान पर जाने की सलाह दी थी।
हालांकि, स्थिति की गंभीरता को न भांप पाने के कारण परिवार ने शुरुआत में घर छोड़ने से इनकार कर दिया। कुछ ही घंटों में जलस्तर इतनी तेजी से बढ़ा कि उनका पूरा मकान चारों तरफ से जलमग्न हो गया और वे बाहर निकलने का रास्ता खो बैठे।
फंसे हुए सदस्यों का विवरण:
घर में फंसे 06 लोगों में 3 महिलाएं और 3 पुरुष शामिल हैं, जिनमें 2 छोटे बच्चे भी मौजूद हैं। फिलहाल पूरा परिवार घर की छत पर शरण लिए हुए है और सुरक्षित रेस्क्यू का इंतजार कर रहा है।
पंचायत प्रतिनिधियों की सतर्कता से टला बड़ा हादसा: 12 घरों के 42 लोग सुरक्षित
जहाँ एक ओर एक परिवार जलभराव में फंसा हुआ है, वहीं स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों की तत्परता से एक बड़ा हादसा टल गया। महानदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए गांव के सरपंच, सचिव और रोजगार सहायक ने समय रहते मोर्चा संभाला।
पंचायत टीम ने खतरे की जद में आए निचले इलाकों के 12 घरों से 42 परिवारों (सदस्यों) को सुरक्षित बाहर निकालकर बनाए गए राहत शिविरों और ऊंचे स्थानों पर पहुंचा दिया है। यदि पंचायत द्वारा यह त्वरित कदम नहीं उठाया जाता, तो फंसे हुए लोगों की संख्या और अधिक हो सकती थी।
मौके पर प्रशासनिक अमला तैनात, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
निसदा गांव में पानी घुसने और परिवार के फंसने की खबर मिलते ही प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। एसडीएम, तहसीलदार और थाना प्रभारी अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर डटे हुए हैं और स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि बाढ़ के पानी का बहाव तेज होने के कारण सामान्य नावों से रेस्क्यू में जोखिम हो सकता है, इसलिए SDRF की विशेषज्ञ टीम और मोटर बोट को तत्काल बुलाया गया है। टीम के पहुँचते ही रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर सियाराम साहू के परिवार को सुरक्षित बाहर निकाल लिया जाएगा।
गांव में एहतियात के तौर पर मुनादी करा दी गई है और महानदी के तटवर्ती इलाकों में रहने वाले अन्य ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दिए गए हैं।

