आरंग: नगर पालिका परिषद आरंग में उस वक्त एक बड़ा सियासी और सामाजिक संदेश देखने को मिला, जब प्रेसिडेंट इन काउंसिल (PIC) की बैठक में शासन द्वारा प्रस्तावित ‘प्रीमियम वाइन शॉप’ (शराब दुकान) को पार्षदों ने सिरे से खारिज कर दिया। नगरहित और जनभावनाओं को सर्वोपरि रखते हुए पीआईसी के तमाम सदस्यों ने एकजुटता दिखाई और इस प्रस्ताव का पुरजोर विरोध करते हुए इसे सर्वसम्मति से नामंजूर कर दिया।

“युवाओं का भविष्य और सामाजिक ताना-बाना दांव पर नहीं लगा सकते”

बैठक के दौरान नगर पालिका उपाध्यक्ष एवं पीआईसी सदस्य हिरामन कोसले सहित सभी सदस्यों ने प्रस्ताव पर तीखी आपत्ति जताई। सदस्यों का स्पष्ट कहना था कि आरंग एक शांत और सांस्कृतिक नगर है। यहाँ नई या प्रीमियम शराब दुकान खोलने से क्षेत्र का सामाजिक माहौल दूषित होगा।

विरोध दर्ज कराने वाले सदस्यों में प्रमुख रूप से शामिल:

हिरामन कोसले (उपाध्यक्ष एवं पीआईसी सदस्य)

पुष्कर साहू (पीआईसी सदस्य)

नरेन्द्र लोधी (पीआईसी सदस्य)

सुनीता विनायक धुरंधर (पीआईसी सदस्य)

सेवती तोषण साहू (पीआईसी सदस्य)

चितरेखा विक्रम परमार (पीआईसी सदस्य)

भानमती राकेश सोनकर (पीआईसी सदस्य)

इन सभी जनप्रतिनिधियों ने एक सुर में कहा कि प्रीमियम दुकान के नाम पर नगर के युवाओं को नशे के दलदल में धकेलने की किसी भी कोशिश का वे समर्थन नहीं करेंगे। इससे न केवल अपराध बढ़ेंगे, बल्कि नई पीढ़ी में नशे की प्रवृत्ति तेजी से पैर पसारेगी।

विकास चाहिए, विनाश नहीं: पीआईसी

पीआईसी सदस्यों ने बैठक में कड़ा रुख अख्तियार करते हुए कहा कि नगर पालिका परिषद का गठन नागरिकों को बेहतर मूलभूत सुविधाएँ—जैसे साफ-सफाई, शुद्ध पेयजल, अच्छी सड़कें, स्वास्थ्य और शिक्षा—उपलब्ध कराने के लिए हुआ है, न कि शराब दुकानों को बढ़ावा देने के लिए।

सदस्यों का संयुक्त बयान:

“हम जनता के प्रतिनिधि हैं और जनता की भावनाओं का सम्मान करना हमारा पहला कर्तव्य है। आरंग की जनता यहाँ कोई नई शराब दुकान नहीं चाहती। इसलिए नगरवासियों के हित और स्वस्थ सामाजिक वातावरण को बनाए रखने के लिए इस प्रस्ताव को पूरी तरह खारिज किया जाता है।”

शहर में फैसले की चौतरफा तारीफ

पीआईसी की बैठक में प्रस्ताव के खारिज होने की खबर जैसे ही बाहर आई, नगरवासियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने पार्षदों के इस कदम की सराहना की है। लोगों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों ने दलीय राजनीति से ऊपर उठकर आरंग के भविष्य और सुरक्षा के पक्ष में एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। इस फैसले से साफ हो गया है कि आरंग नगर पालिका जनविरोधी फैसलों के आगे कभी नहीं झुकेगी।

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