आरंग: कहते हैं कि अगर हौसलों में उड़ान हो, तो तंगहाली और चुनौतियां कभी रास्ता नहीं रोक सकतीं। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है आरंग क्षेत्र के एक छोटे से गांव गुदगुदा के मेहनतकश युवाओं ने। कभी मूलभूत सुविधाओं और पिछड़ेपन से जूझने वाला यह गांव आज आसपास के बड़े गांवों के लिए प्रेरणा का एक बेमिसाल केंद्र बन चुका है। गरीबी की जंजीरों को तोड़कर यहाँ के युवा बैंकिंग, पुलिस, रेलवे, शिक्षा और CGPSC (छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग) जैसी प्रतिष्ठित सेवाओं में लगातार अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रहे हैं।
इसी गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाते हुए हाल ही में गांव के दो और होनहारों ने बड़ी सफलता हासिल की है। युवा जय कुर्रे का चयन ‘अग्निवीर सैनिक’ के रूप में हुआ है, जिससे अब इस गांव का नाम देश की सरहद पर भी गूंजेगा। वहीं, गोंदा कुर्रे ने ‘सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी’ (CHO) के पद पर चयनित होकर गांव का मान बढ़ाया है।

‘ऑफिसर्स क्लब गुदगुदा’ की अनूठी पहल: प्रतिभा सम्मान समारोह
गांव की इस बदलती तस्वीर के पीछे यहाँ के जागरूक शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों की दूरगामी सोच है। गांव के अधिकारी-कर्मचारियों ने मिलकर ‘Officer’s Club Gudguda’ का गठन किया है। यह क्लब गांव की युवा पीढ़ी को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उचित मार्गदर्शन और सतत सहयोग प्रदान कर रहा है, साथ ही ग्रामीणों को शिक्षा का महत्व समझाकर बच्चों को पढ़ाई से जोड़ने का सराहनीय कार्य कर रहा है।
इसी क्लब के तत्वाधान में दिनांक 28 जून 2026 को गांव में एक भव्य प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में नवनियुक्त अग्निवीर सैनिक जय कुर्रे और सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी गोंदा कुर्रे की कड़ी मेहनत और प्रतिभा का सम्मान किया गया। क्लब के सदस्यों और ग्रामीणों ने दोनों होनहारों को स्मृति चिन्ह भेंट कर उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
“गुदगुदा गांव के युवाओं ने यह साबित कर दिया है कि लगन और सही मार्गदर्शन मिले तो संसाधनों की कमी कभी आड़े नहीं आती। हमारा उद्देश्य गांव के हर बच्चे को शिक्षा और रोजगार से जोड़ना है।”
– सदस्य, ऑफिसर्स क्लब गुदगुदा
ग्रामीणों की भारी मौजूदगी और नम आंखों से विदाई
इस गौरवमयी पल के साक्षी बनने के लिए गांव के पंचायत पदाधिकारी, भारी संख्या में युवा, महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग उपस्थित रहे। बड़ों ने दोनों सफल युवाओं को अपना आशीर्वाद दिया, जिससे उपस्थित अन्य युवाओं में भी आगे बढ़ने का जबरदस्त जोश और उत्साह देखने को मिला।
कार्यक्रम के समापन पर एक तरफ जहां देश सेवा के लिए विदा हो रहे अग्निवीर सैनिक जय कुर्रे के प्रति गर्व से सबका सीना चौड़ा था, वहीं दूसरी ओर परिजनों और ग्रामवासियों ने नम आंखों से अपने लाडले को सरहद के लिए विदाई दी। पूरा गांव भारत माता के जयकारों और शुभकामनाओं से गूंज उठा।

