रायपुर: छत्तीसगढ़ व्याख्याता संघ के एक प्रतिनिधिमंडल ने संघ के प्रांताध्यक्ष राकेश शर्मा, महामंत्री मणिक मिश्रा एवं जिलाध्यक्ष अरुण साहू के नेतृत्व में संचालक (लोक शिक्षण) रितु राज रघुवंशी से सौहार्दपूर्ण मुलाकात की। इस दौरान संघ ने व्याख्याताओं एवं प्राचार्यों की विभिन्न लंबित समस्याओं एवं मांगों के त्वरित निराकरण हेतु एक ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में शामिल प्रमुख मांगें एवं प्रशासनिक प्रतिक्रिया:
वरिष्ठता सूची एवं पदोन्नति: व्याख्याता संवर्ग की अंतिम वरिष्ठता सूची जारी करने की मांग पर जानकारी दी गई कि दावा-आपत्ति की प्रक्रिया जारी है, जिसके पूर्ण होते ही पदोन्नति की कार्यवाही शुरू की जाएगी।
प्राचार्य (E एवं T संवर्ग) पदोन्नति: प्राचार्य पदोन्नति हेतु रिव्यू DPC के प्रस्ताव पर कार्यवाही जारी है। संघ ने इसे शीघ्र अति शीघ्र मंत्रालय भेजने का अनुरोध किया है।
भर्ती व पदोन्नति नियमों में संशोधन: छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा सेवा (शैक्षिक एवं प्रशासनिक संवर्ग) भर्ती पदोन्नति नियम के तहत संघ ने दो प्रमुख बिंदु रखे: पूर्व में प्रधान पाठक से पदोन्नत व्याख्याताओं की प्राचार्य पदोन्नति हेतु सेवा अवधि (वरिष्ठता) की गणना उनकी प्रधान पाठक नियुक्ति तिथि से करने का आग्रह।
1 जुलाई 2018 के बाद पदोन्नत नियमित व्याख्याताओं को पदोन्नति भर्ती नियम 2019 के अनुरूप वरिष्ठता प्रदान करने एवं भर्ती नियम 2026 में आवश्यक संशोधन का अनुरोध।
विशेष प्रतिक्रिया: इस विषय की संवेदनशीलता को देखते हुए संचालक महोदय ने पृथक से एक विस्तृत आवेदन जमा करने के निर्देश दिए हैं, ताकि इस पर आवश्यक कार्यवाही की जा सके।
सेवानिवृत्त प्राचार्यों की समस्याएं: सेवानिवृत्त होने वाले प्राचार्यों के “ना मांग ना जांच” प्रमाण पत्रों में लगाई जा रही ‘सशर्त टीप’ को हटाने की मांग की गई, जिससे ट्रेजरी द्वारा लगाई जा रही आपत्तियों से राहत मिल सके।
ऑनलाइन उपस्थिति एवं वेतन रोक पर राहत: तकनीकी समस्याओं के स्थायी समाधान होने तक ऑनलाइन उपस्थिति के आधार पर वेतन रोकने की कार्यवाही पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गई। इस संदर्भ में अवगत कराया गया कि सचिव महोदय द्वारा विभागीय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के माध्यम से पहले ही आवश्यक निर्देश दिए जा चुके हैं।
प्रतिनिधिमंडल में ये रहे मौजूद:
प्रतिनिधिमंडल में संघ के पदाधिकारियों के साथ प्राचार्य विनोद कुमार चंद्राकर, जी. आर. मिरी, मनोहर लाल चंद्राकर, नंद किशोर गिलहरे एवं रविशंकर सोनी सहित अन्य सदस्य प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

