केंद्र से 2% पीछे चल रहा है राज्य का महंगाई भत्ता, हर महीने हजारों का नुकसान

TET अनिवार्यता, ऑनलाइन उपस्थिति और नेटवर्क समस्या से मानसिक तनाव में शिक्षक

शिक्षक कल्याण संघ ने एरियर्स सहित DA और क्रमोन्नत वेतन की उठाई माँग

आरंग : प्रदेश के राज्य कर्मचारियों में केंद्र के समान महंगाई भत्ता (DA) नहीं मिलने से भारी निराशा व्याप्त है। हाल ही में हुई कैबिनेट की बैठक में भी इस पर कोई निर्णय न होने से कर्मचारियों का आक्रोश और बढ़ गया है।

शिक्षक कल्याण संघ ने एक संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति जारी कर अपनी नाराज़गी जाहिर की। संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि राज्य कर्मचारी केंद्र की तुलना में वर्तमान में 2 प्रतिशत DA पीछे चल रहे हैं, जिसके कारण उन्हें हर महीने हजारों रुपये का सीधा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

“चुनावी संकल्प पत्र में ‘मोदी की गारंटी’ के तहत राज्य कर्मचारियों को केंद्र के समान महंगाई भत्ता देने का वादा किया गया था। समान DA राज्य कर्मचारियों का संवैधानिक अधिकार है और इससे उन्हें वंचित रखना उनके अधिकारों का हनन है। _”शिक्षक कल्याण संघ”

 

ऑनलाइन काम और TET अनिवार्यता से शिक्षक परेशान

संघ के प्रवक्ताओं ने बताया कि विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षक कई तरह के प्रशासनिक और मानसिक तनाव से जूझ रहे हैं:

नेटवर्क समस्या: ग्रामीण क्षेत्रों में खराब इंटरनेट कनेक्टिविटी के कारण VSK पोर्टल पर ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने और पाठ्यपुस्तकों की स्कैनिंग करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

TET से मुक्ति की माँग: 1995-98 के दौरान तत्कालीन सेवा शर्तों के तहत नियुक्त हजारों शिक्षक अब सेवानिवृत्ति (Retirement) के कगार पर हैं। ऐसे अनुभवी शिक्षकों पर इस मोड़ पर ‘शिक्षक पात्रता परीक्षा’ (TET) की अनिवार्यता थोपना न्यायसंगत नहीं है।

प्रभारी के भरोसे स्कूल: अधिकांश उच्च प्राथमिक विद्यालयों में प्रधान पाठकों (Headmasters) के पद रिक्त पड़े हैं, जिससे प्रभारी शिक्षक अतिरिक्त दबाव में शालाओं का संचालन कर रहे हैं।

शिक्षक कल्याण संघ की प्रमुख मांगें

 1.देय तिथि से DA का भुगतान: बकाया एरियर्स के साथ केंद्र के समान DA तुरंत स्वीकृत किया जाए।

 2.TET से छूट: वरिष्ठ और अनुभवी शिक्षकों को TET की बाध्यता से पूर्णतः मुक्त किया जाए।

 3.क्रमोन्नत वेतनमान: पदोन्नति से वंचित पात्र वरिष्ठ शिक्षकों को क्रमोन्नत वेतन दिया जाए।

 4.प्रधान पाठक पदोन्नति: उच्च प्राथमिक विद्यालयों में रिक्त पड़े प्रधान पाठकों के पदों को शीघ्र पदोन्नति से भरा जाए।

 5.पारदर्शी स्थानांतरण नीति: शिक्षकों के तबादलों में पूर्ण पारदर्शिता बरती जाए।

विज्ञप्ति जारी करने वालों में प्रमुख रूप से शिक्षक कल्याण संघ के प्रवक्ता पं. छत्रधर दीवान, अध्यक्ष हरीश दीवान, पूर्व अध्यक्ष राजकुमार दीपक, गणेश राम साहू, रोमेश चंद्राकर, छोटूराम साहू, नेमेश्वर साहू, अरुण धीवर, टीकाराम साहू और व्याख्याता निर्मला पाण्डे सहित अन्य पदाधिकारी व सदस्य शामिल रहे।

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