आरंग:-ग्राम जरौद (उमरिया) में पारंपरिक आस्था, उल्लास और भक्ति के अनूठे संगम के साथ वार्षिक ‘शीतला जुडवास’ का पर्व बेहद धूमधाम से मनाया गया। इस पावन अवसर पर पूरे गाँव का माहौल भक्तिमय हो गया। सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा, जहाँ बड़ी संख्या में एकत्रित होकर ग्रामीणों ने ग्राम देवी माँ शीतला की विशेष पूजा-अर्चना की और सुख-समृद्धि की कामना की।

नीम जल से अभिषेक की अनोखी परंपरा

इस उत्सव की सबसे मुख्य और विशिष्ट परंपरा नीम के पत्तों से शीतल जल डलवाने की रही। मान्यता है कि तपती गर्मी और ऋतु परिवर्तन के इस दौर में माँ शीतला के आशीर्वाद से अभिमंत्रित नीम और शीतल जल से स्नान करने पर शरीर निरोगी रहता है और चर्म रोगों व मौसमी बीमारियों से मुक्ति मिलती है।

श्रद्धालुओं का विश्वास: “माँ शीतला शीतलता प्रदान करने वाली देवी हैं। नीम मिश्रित जल से अभिषेक करवाने से न केवल शारीरिक कष्ट दूर होते हैं, बल्कि मन को भी असीम शांति मिलती है।”

भजन-कीर्तन से गूंजा मंदिर परिसर

उत्सव के दौरान मंदिर परिसर में विशेष महाआरती और भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया। ढोल-मंजीरों की थाप पर श्रद्धालु भक्ति में झूमते नजर आए। महिलाओं ने पारंपरिक मंगल गीत गाए और माँ शीतला को नारियल, चुनरी और विशेष प्रसाद अर्पित किया।

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