आरंग: विकासखंड में जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) के आदेशों को ठेंगा दिखाकर चहेते शिक्षकों का संलग्नीकरण (अटैचमेंट) समाप्त न करने और शनिवार को स्कूल संचालन के समय में आ रही व्यावहारिक दिक्कतों की खबर को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद अब प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कार्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) आरंग ने तत्काल कड़ा रुख अख्तियार करते हुए मूल आवेदन आवश्यक कार्रवाई हेतु जिला शिक्षा अधिकारी रायपुर को अग्रसारित कर दिया है।
BEO ने DEO को लिखा पत्र, दो प्रमुख मुद्दों पर मांगी कार्रवाई:
छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन तहसील शाखा आरंग की शिकायतों और मीडिया में मामला गूंजने के तुरंत बाद BEO आरंग द्वारा पत्र क्रमांक/विज्ञप्ति/2026/1552 (दिनांक 14.07.2026) सीधे जिला शिक्षा अधिकारी रायपुर को प्रेषित किया गया है। इस आधिकारिक पत्र में दो मुख्य विषयों पर त्वरित एक्शन लेने की मांग की गई है:
आदेश की अवहेलना पर कड़ा संज्ञान: विभिन्न कार्यालयों और संस्थाओं से संलग्नीकरण समाप्त होने के बावजूद आरंग विकासखंड के कुछ शिक्षकों व कर्मचारियों को मूल पदस्थापना संस्था के लिए कार्यमुक्त (रिलीव) नहीं किए जाने के मामले में मूल मांग पत्र DEO को भेजकर उचित कार्रवाई की अनुशंसा की गई है।
शनिवार स्कूल समय में बदलाव की मांग: पत्र में स्पष्ट उल्लेख है कि NCERT रायपुर द्वारा शनिवार को हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों के लिए निर्धारित सुबह 10:00 बजे से दोपहर 04:00 बजे तक के समय से मैदानी स्तर पर भारी व्यावहारिक समस्याएं आ रही हैं। फेडरेशन की मांग पर BEO ने इस समय को बदलकर पूर्ववत (सुबह 07:30 बजे से 11:30 बजे तक) करने संबंधी मांग पत्र भी उचित निर्णय हेतु उच्च अधिकारियों को सादर संप्रेषित किया है।
अधिकारियों में मची खलबली, जल्द गिर सकती है गाज:
लगातार नियमों को ताक पर रखकर चहेते शिक्षकों को रिलीव न करने वाले संकुल प्रभारियों और संस्था प्रमुखों पर अब गाज गिरना तय माना जा रहा है। फेडरेशन की पैनी नजर और BEO कार्यालय द्वारा सीधे जिला मुख्यालय (DEO) को मामला सौंपे जाने के बाद अब यह देखना होगा कि आदेश की धज्जियां उड़ाने वाले रसूखदार शिक्षकों और प्रभारियों पर उच्च प्रशासन क्या दंडात्मक कार्रवाई करता है।
इस प्रशासनिक सक्रियता ने यह साफ कर दिया है कि नियमों की अनदेखी पर अब चुप्पी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

