रायपुर: राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर के लिए अत्यंत गर्व और हर्ष का विषय है कि संस्थान के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष डॉ. सुरेश हावरे को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के दैनिक प्रशासन के लिए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के चयन एवं अनुशंसा हेतु गठित प्रतिष्ठित तीन-सदस्यीय खोज समिति का सदस्य नामित किया गया है। इस समिति में सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति प्रदीप कोहली, लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) विष्णुकांत चतुर्वेदी तथा डॉ. सुरेश हावरे शामिल हैं। समिति को मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से योग्य एवं सक्षम नेतृत्व के चयन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस उच्चस्तरीय समिति में डॉ. हावरे की नियुक्ति उनके उत्कृष्ट प्रशासनिक कौशल, निष्पक्षता, ईमानदारी तथा सार्वजनिक सेवा में उनके विशिष्ट योगदान का प्रमाण है।

एक प्रतिष्ठित उद्योगपति एवं संस्थान निर्माता के रूप में डॉ. हावरे ने शिक्षा, सामाजिक सेवा तथा धार्मिक संस्थानों के विकास में उल्लेखनीय योगदान दिया है। वे पूर्व में श्री साईबाबा संस्थान ट्रस्ट, शिर्डी (महाराष्ट्र) के अध्यक्ष रह चुके हैं तथा वर्तमान में श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड, जम्मू-कश्मीर के सदस्य हैं, जो वार्षिक अमरनाथ यात्रा के संचालन एवं प्रबंधन का दायित्व निभाता है। उनकी यह नियुक्ति उनके नेतृत्व, सुशासन क्षमता तथा राष्ट्रीय महत्व की संस्थाओं को सशक्त बनाने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता पर व्यक्त विश्वास का प्रतीक है। एनआईटी रायपुर परिवार अपने बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष को मिली इस राष्ट्रीय जिम्मेदारी पर गर्व का अनुभव करता है।

डॉ. हावरे के मार्गदर्शन में एनआईटी रायपुर ने अधोसंरचना एवं संस्थागत विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। उनकी दूरदर्शी सोच के परिणामस्वरूप आधुनिक स्मार्ट क्लासरूम, बहु-विषयक नवाचार के लिए MACIEET सेंटर, निर्माणाधीन SECL गर्ल्स हॉस्टल, अत्याधुनिक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, उन्नत प्रयोगशालाएँ तथा अनेक शैक्षणिक एवं आवासीय अवसंरचना परियोजनाएँ साकार हो रही हैं। उनकी प्रेरणा से प्रारंभ किए गए “एडॉप्ट अ क्लासरूम” अभियान के माध्यम से पूर्व छात्रों (एलुमनाई) के सहयोग से संस्थान की 75 प्रतिशत से अधिक पारंपरिक कक्षाओं को आधुनिक, वातानुकूलित स्मार्ट क्लासरूम में परिवर्तित किया गया है, जो उन्नत डिजिटल शिक्षण तकनीकों से सुसज्जित हैं। इसके अतिरिक्त डेटा साइंस एंड एनालिटिक्स प्रयोगशाला की स्थापना से संस्थान ने भविष्य उन्मुख शिक्षण एवं अनुसंधान को नई दिशा प्रदान की है। वहीं, ईवी चार्जिंग स्टेशन, सौर ऊर्जा अवसंरचना, सोलर पावर प्लांट तथा आधुनिक सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) जैसी हरित पहल ने संस्थान की सतत एवं पर्यावरण-अनुकूल विकास के प्रति प्रतिबद्धता को और मजबूत किया है।

ये सभी उपलब्धियाँ डॉ. सुरेश हावरे के दूरदर्शी नेतृत्व का परिचायक हैं, जिन्होंने एनआईटी रायपुर को समावेशी, तकनीक-सक्षम एवं वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप एक उत्कृष्ट शिक्षण संस्थान के रूप में विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। एनआईटी रायपुर परिवार डॉ. सुरेश हावरे को इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय दायित्व के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ देता है।

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