आरंग: शिक्षा, संस्कार और अनुशासन के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान रखने वाले छत्तीसगढ़ के अग्रणी शिक्षण संस्थान, राधा कृष्ण विद्या मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, आरंग का 38वां स्थापना दिवस अत्यंत भव्यता और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस गौरवशाली अवसर पर जहाँ पूरा परिसर छात्र-छात्राओं के उत्साह से गुंजायमान था, वहीं संस्था के 38 वर्षों के ऐतिहासिक सफर और उसके प्राचीन गौरव को भी विशेष रूप से याद किया गया।
समारोह की शुरुआत मुख्य अतिथियों द्वारा ज्ञान की देवी माँ सरस्वती और जगत के पालनहार भगवान श्री जगन्नाथ जी के तैलचित्र पर माल्यार्पण, धूप-दीप प्रज्वलन और वंदना के साथ हुई। इस ऐतिहासिक अवसर पर संस्था के सर्वराकार सावन शुक्ला, अध्यक्ष बृजेश अग्रवाल, कोषाध्यक्ष राकेश कुमार गुप्ता, सतीशचंद्र अग्रवाल, अरविंद कुमार गुप्ता और अर्पित चौधरी सहित शाला प्रबंधन समिति के सम्मानित सदस्यगण प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने विद्यालय की इस अनवरत विकास यात्रा की सराहना की।इस स्थापना दिवस का मुख्य आकर्षण विद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत किया गया विशेष नाटक ‘हमारी संस्था और हमारा गौरव’ रहा। इस नाटक के माध्यम से विद्यालय की स्थापना के शुरुआती दिनों, संघर्षों और सफलता की कहानियों को मंच पर जीवंत किया गया। दर्शकों ने देखा कि कैसे वर्ष 1988 में सीमित संसाधनों के साथ शुरू हुआ यह संस्थान आज आरंग क्षेत्र का एक प्रतिष्ठित और विशाल शैक्षणिक केंद्र बन चुका है। इस भावुक और प्रेरणादायी प्रस्तुति ने उपस्थित सभी लोगों का मन मोह लिया और पूरा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।स्थापना दिवस के मंच से ‘बेटी हूँ मैं बेटी, तारा बनूंगी’ जैसे संवेदनशील व प्रेरणादायी गीतों और छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति को दर्शाते पारंपरिक लोक नृत्यों की शानदार प्रस्तुतियां दी गईं। इसके साथ ही, विद्यार्थियों में अनुशासन और नेतृत्व क्षमता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से चुनिंदा छात्र-छात्राओं को ‘कक्षा के नायक और नायिका’ का दायित्व सौंपते हुए बैज लगाकर सम्मानित किया गया।
इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर सभी को बधाई देते हुए विद्यालय की प्राचार्या निशा श्रीवास्तव ने अपने संबोधन में कहा कि “मेरा पूरा प्रयास और संकल्प है कि हमारे विद्यालय को आरंग क्षेत्र में प्रथम स्थान पर लाया जाए। पिछले 38 वर्षों से हमारा विद्यालय न केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध रहा है, बल्कि हम छात्रों के सर्वांगीण विकास और उन्हें एक जिम्मेदार नागरिक बनाने के लिए भी निरंतर प्रयासरत हैं। यह स्थापना दिवस हमारे शिक्षकों की कड़ी मेहनत, छात्रों के अटूट समर्पण और अभिभावकों के अटूट विश्वास का प्रत्यक्ष प्रमाण है।”
प्राचार्या ने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन पर नगरवासियों और अभिभावकों ने भी विद्यालय परिवार को ऐतिहासिक 38 वर्ष पूरे करने पर ढेरों शुभकामनाएं और बधाई दी हैं।

