आरंग: धर्मनगरी आरंग में आज आस्था, उमंग और श्रद्धा का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। महाप्रभु भगवान जगन्नाथ, अपने बड़े भाई बलदाऊ और लाडली बहन सुभद्रा के साथ रथ पर सवार होकर पूरे नगर का भ्रमण करने के लिए तैयार हैं। इस पावन अवसर पर सुबह से ही आरंग के ऐतिहासिक जगन्नाथ मंदिर में श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है, और पूरा वातावरण ‘जय जगन्नाथ’ के जयकारों से गुंजायमान है।

बारिश की फुहारों ने किया मार्ग पवित्र, माना जा रहा है शुभ संकेत

धर्मनगरी आरंग में रथयात्रा को लेकर एक बेहद खास और अटूट लोक मान्यता जुड़ी हुई है। यहाँ रथयात्रा के दिन बारिश का होना बेहद शुभ माना जाता है। बुजुर्गों और स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस वर्ष रथयात्रा के दिन वर्षा नहीं होती, उस वर्ष क्षेत्र में अच्छी बारिश नहीं होती और सूखा पड़ने की आशंका रहती है।

इस बार महाप्रभु ने अपने भक्तों को निराश नहीं किया। आज सुबह हुई बारिश ने भगवान जगन्नाथ के रथयात्रा मार्ग को पूरी तरह से धोकर पवित्र कर दिया है। इस मंगलकारी वर्षा को देखकर क्षेत्र के किसानों और आम नागरिकों के चेहरे खिल उठे हैं, और इसे एक खुशहाल और समृद्ध वर्ष का संकेत माना जा रहा है।

मंदिर में सुबह से उमड़ी भीड़, शाम को नगर भ्रमण पर निकलेंगे महाप्रभु

आरंग के मुख्य जगन्नाथ मंदिर में सुबह से ही विशेष पूजा-अर्चना, महाआरती और छप्पन भोग लगाने का सिलसिला जारी है। दूर-दूर से आए श्रद्धालु भगवान के विग्रह रूप के दर्शन कर निहाल हो रहे हैं।

भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा आज शाम को पूरी आन-बान-शान के साथ निकाली जाएगी। भारी-भरकम और आकर्षक ढंग से सजे रथ को खींचने के लिए भक्त आतुर हैं। ऐसा माना जाता है कि रथ की रस्सी को छूने मात्र से ही जीवन के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं।

देश-प्रदेश सहित आरंग में उत्सव का माहौल

आरंग सहित पूरे छत्तीसगढ़ और देश के कोने-कोने में आज रथयात्रा का पर्व बड़े ही धूमधाम से मनाया जा रहा है। आरंग की सड़कों पर तोरण द्वार सजाए गए हैं, और जगह-जगह महाप्रसाद के वितरण की व्यवस्था की गई है। शाम को होने वाली मुख्य रथयात्रा की सुरक्षा और व्यवस्था के लिए स्थानीय प्रशासन और मंदिर समिति ने पुख्ता इंतजाम किए हैं ताकि भक्त सुगमता से भगवान के दर्शन कर सकें।

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