शनिवार सुबह 10 बजे से स्कूली बच्चों के बीच पहुंचेंगे अधिकारी, खेल-खेल में दी जाएगी अधिकारों की सीख
आरंग: छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा बच्चों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने और जमीनी स्तर पर उनकी समस्याओं को समझने के लिए शुरू की गई अनूठी मुहिम ‘बाल चौपाल 2.0’ का अगला भव्य आयोजन होने जा रहा है। आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा की गरिमामयी उपस्थिति में यह विशेष बाल चौपाल आरंग विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला बोहारडीह में सजेगी। कार्यक्रम का आयोजन इस शनिवार को सुबह 10:00 बजे से किया जाएगा।
खेल-खेल में सीखेंगे अधिकार, समस्याओं पर होगी खुलकर बात
आयोग द्वारा चलाए जा रहे इस विशेष अभियान के तहत बोहारडीह में जुटने वाली बाल चौपाल में बच्चों के लिए कई ज्ञानवर्धक और मनोरंजक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इसके तहत बच्चों को बेहद सरल और रोचक तरीके से उनके अधिकारों, अच्छी आदतों, शिक्षा के महत्व तथा बाल संरक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण संदेश दिए जाएंगे।
इस चौपाल का मुख्य उद्देश्य बच्चों को यह सिखाना है कि वास्तविक जीवन में अच्छे संस्कार, शिक्षा और सही निर्णय ही उन्हें सफलता की ओर ले जाते हैं, जबकि बाल विवाह, बाल श्रम जैसी सामाजिक कुरीतियां और बुरी आदतें उनके भविष्य को प्रभावित करती हैं।
अधिकारियों को दिए जाएंगे निर्देश, बच्चों को मिलेगा मंच
चौपाल के दौरान स्कूली बच्चे बाल श्रम, बाल विवाह की रोकथाम और ‘गुड टच-बैड टच’ जैसे संवेदनशील व महत्वपूर्ण विषयों पर खुलकर अपनी बात रखेंगे। इसके साथ ही, बच्चों की मांग और उनकी जमीनी समस्याओं पर आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा मौके पर उपस्थित संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को आवश्यक जांच व विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश भी देंगी। चौपाल में बच्चों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी जाएंगी।
पालकों और स्थानीय नागरिकों से सहयोग की अपील
आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने आरंग क्षेत्र के स्थानीय नागरिकों और पालकों से इस चौपाल में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने तथा शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रशासन का सहयोग करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि ‘बाल चौपाल 2.0’ के माध्यम से बच्चों के अधिकारों के प्रति जागरूकता लाने और उनकी समस्याओं को सीधे जानने व सुलझाने की यह यात्रा निरंतर आगे बढ़ती रहेगी।

