8वीं बोर्ड परीक्षा में 98.33% अंक लाकर रायपुर जिले में हासिल किया था पहला स्थान
NMMSE परीक्षा में भी गाड़े सफलता के झंडे, नोडल प्राचार्य ने जलेबी खिलाकर दी बधाई
आरंग: प्रतिभा किसी परिचय और संसाधनों की मोहताज नहीं होती, इसे एक बार फिर साबित कर दिखाया है शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय चपरीद की मेधावी छात्रा कु. छायाविभा ने। छात्रा के आवासीय ‘प्रयास’ विद्यालय बिलासपुर में चयन होने की खबर से पूरे आरंग अंचल और गांव में हर्ष का माहौल है।
वर्तमान में कक्षा 9वीं में अध्ययनरत छायाविभा (पुत्री श्री पवन कुमार साहू) ने अपनी मेहनत और दृढ़ संकल्प से यह साबित कर दिया है कि यदि हौसले बुलंद हों, तो विषम परिस्थितियां भी सफलता के रास्ते में रोड़ा नहीं बन सकतीं।
अभावों के बीच गढ़ी सफलता की इबारत
एक साधारण मजदूर परिवार से ताल्लुक रखने वाली छायाविभा ने गांव में बिना किसी कोचिंग या ट्यूशन सहारा लिए यह मुकाम हासिल किया है। इससे पूर्व छाया ने केंद्रीकृत परीक्षा 2026 (कक्षा 8वीं) में 98.33% अंक प्राप्त कर रायपुर जिले की प्रावीण्य सूची (Merit List) में पहला स्थान हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया था। इसके साथ ही उन्होंने प्रतिष्ठित NMMSE (राष्ट्रीय साधन-सह-योग्य छात्रवृत्ति) परीक्षा में भी शानदार सफलता अर्जित की है।
जलेबी खिलाकर दी गई बधाई, मिला आशीर्वाद
छायाविभा की इस दोहरी उपलब्धि पर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय चपरीद के नोडल प्राचार्य श्री जे. आर. आल्हा एवं समस्त शाला परिवार ने खुशी व्यक्त की। नोडल प्राचार्य श्री आल्हा ने होनहार छात्रा को राष्ट्रीय मिठाई जलेबी खिलाकर बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए अपना शुभ आशीर्वाद प्रदान किया।
छात्रा की इस सफलता पर नोडल प्राचार्य जे. आर. आल्हा ने कहा कि “कड़ी मेहनत और अटूट लगन के बल पर कक्षा 8वीं में जिला टॉपर बनना और फिर प्रयास विद्यालय बिलासपुर के लिए चयनित होना केवल हमारे शाला परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे अंचल के लिए अत्यंत गौरव का विषय है। छाया की यह सफलता ग्रामीण क्षेत्र के अन्य बच्चों के लिए भी एक बड़ा प्रेरणा स्रोत बनेगी।”
सफलता का श्रेय गुरुजनों को
अपनी इस शानदार उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए छायाविभा ने अपनी सफलता का पूरा श्रेय अपने माता-पिता के आशीर्वाद और शाला के गुरुजनों के कुशल मार्गदर्शन को दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के सही मार्गदर्शन और खुद के टाइम-टेबल के अनुसार की गई पढ़ाई ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया है।
छायाविभा की इस बड़ी उपलब्धि पर शाला परिवार, स्थानीय जनप्रतिनिधियों तथा ग्रामीणों ने बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल और स्वर्णिम भविष्य की कामना की है।

