
लाखों का टेंडर होने के बावजूद 2 महीनों से काम ठप..महासमुंद के ‘श्री राम कंस्ट्रक्शन’ की मनमानी से पार्षद और जनता दोनों त्रस्त
नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर उठ रहे गंभीर सवाल, लोगों में भारी आक्रोश
आरंग: विकास के बड़े-बड़े दावों के बीच आरंग नगर पालिका क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 02 और 10 से एक ऐसी तस्वीर सामने आ रही है, जो प्रशासनिक दावों की धज्जियां उड़ाने के लिए काफी है। इन वार्डों की स्थिति को देखकर ऐसा लगता है कि मानो इस मोहल्ले में कदम रखते ही आरंग का ‘विकास’ सचमुच पागल हो जाता है। यहां की सड़कें अब सड़कें नहीं रहीं, बल्कि गहरे और जानलेवा गड्ढों का रूप ले चुकी हैं। आए दिन हो रहे हादसों के बाद भी प्रशासन मूकदर्शक बना बैठा है, जिससे अब जनता यह पूछने पर मजबूर हो गई है कि क्या नगर पालिका प्रशासन यहां किसी बड़ी अनहोनी या किसी की मौत का इंतजार कर रहा है..?

नगर का सबसे बदतर रास्ता, गुजरने से भी कतराते हैं लोग
यह मार्ग वर्तमान में पूरे नगर का सबसे बदतर और जर्जर रास्ता बन चुका है। सड़कों पर इस कदर गड्ढे हो चुके हैं कि वाहन चालकों के साथ-साथ पैदल चलने वालों का जीना भी मुहाल हो गया है। हालात इतने खराब हैं कि अब राहगीर और स्थानीय लोग इस रास्ते से गुजरने से भी परहेज करने लगे हैं। बारिश के दिनों में तो स्थिति और भी भयावह हो जाती है, जब ये गड्ढे पानी से भर जाते हैं और किसी अदृश्य मौत के कुएं की तरह नजर आते हैं।
9 लाख 75 हजार का टेंडर पास, फिर भी काम गायब
हैरानी की बात यह है कि इस मार्ग के कायाकल्प के लिए बकायदा लाखों रुपए की सरकारी राशि स्वीकृत हो चुकी है और टेंडर की प्रक्रिया भी पूरी की जा चुकी है। विभागीय दस्तावेजों के अनुसार 18.05.2026 को कार्य आदेश जारी होने के बाद भी अभी तक काम शुरू नहीं हो पाया है।नगर पालिका ने 3 माह में पूरा करने का निर्देश दिया था।
जूगु किराना दुकान से सुकालु लोधी के घर तक: ₹4,71,000 की राशि स्वीकृत है।
उपेंद्र साहू के घर से उदय यादव के घर तक: ₹5,04,000 की राशि स्वीकृत है।
कुल लागत: ₹9,75,000 (नौ लाख पचहत्तर हजार रुपए) का यह पूरा प्रोजेक्ट है।

ठेकेदार की मनमानी: 2 महीने बीते, धरातल पर काम शून्य,पार्षदों का फोन नहीं उठाता ठेकेदार
इस निर्माण कार्य का टेंडर महासमुंद की एजेंसी ‘श्री राम कंस्ट्रक्शन’ को मिला है। लेकिन टेंडर जारी हुए 02 महीने से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी ठेकेदार ने अब तक काम शुरू नहीं कराया है। ठेकेदार की इस घोर लापरवाही और मनमानी के आगे स्थानीय प्रशासन पूरी तरह बेबस नजर आ रहा है। इस ढुलमुल रवैये से न सिर्फ आम जनता परेशान है, बल्कि खुद वार्ड पार्षद भी ठेकेदार के इस व्यवहार से बेहद त्रस्त और लाचार महसूस कर रहे हैं।वार्ड नंबर 02 के पार्षद उमाकांत यादव और वार्ड नंबर 10 के पार्षद संतोष लोधी लगातार ठेकेदार को मोबाइल के माध्यम से कार्य शुरू करने को कहते है लेकिन उनकी बातों को अब तक टालते आ रहा है अब नौबत ऐसी हो गई है कि श्री राम कंस्ट्रक्शन महासमुंद का ठेकेदार पार्षदों का फोन भी नहीं उठा रहा।

नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर खड़े हुए गंभीर सवाल
लाखों रुपए का टेंडर होने के बाद भी काम शुरू न होना सीधे तौर पर नगर पालिका की मॉनिटरिंग और कार्यप्रणाली पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा करता है। जनता में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि जब बजट स्वीकृत है, ठेकेदार तय है, तो फिर काम को क्यों रोका गया है? क्या ठेकेदार को अधिकारियों का संरक्षण प्राप्त है?
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अगर जल्द ही ‘श्री राम कंस्ट्रक्शन’ पर शिकंजा कसकर इस सड़क का निर्माण कार्य शुरू नहीं कराया गया, तो वार्ड वासी नगर पालिका प्रशासन के खिलाफ उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। अब देखना यह होगा कि कुंभकर्णी नींद में सोया प्रशासन इस खबर के बाद जागता है या किसी बड़े हादसे का इंतजार करता रहता है।

