आरंग : संयुक्त खातेदार किसानों के एग्री स्टैक पंजीयन में आ रही गंभीर तकनीकी समस्याओं को लेकर जिला पंचायत सदस्य एवं किसान प्रतिनिधि वतन चन्द्राकर ने कलेक्टर रायपुर के नाम अपर कलेक्टर कीर्तिमान राठौर को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने पंजीयन की अंतिम तिथि बढ़ाने, प्रक्रिया को सरल करने तथा विशेष शिविर आयोजित करने की मांग की है।
प्रमुख बिंदु एवं तकनीकी बाधाएं
केवल 35% पंजीयन:
वतन चंद्राकर ने बताया कि अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं तहसीलदार से हुई चर्चा के अनुसार, वर्तमान में संयुक्त खातेदार किसानों में से केवल 35% का ही पंजीयन हो सका है, जबकि 65% किसान अब भी वंचित हैं।
ओटीपी (OTP) की समस्या: अधिकांश संयुक्त खातेदारों की ऋण पुस्तिका (बी-1) में नाम क्रमांक दर्ज न होकर केवल “डेस” (Dash) अंकित है। इस तकनीकी त्रुटि के कारण किसानों के मोबाइल पर ओटीपी प्राप्त नहीं हो रहा है।
मानसिक और व्यावहारिक परेशानी: किसान लगातार सहकारी समितियों और चॉइस सेंटरों के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
किसानों पर मंडराता खतरा
यदि 31 जुलाई की निर्धारित अंतिम तिथि तक शेष किसानों का पंजीयन नहीं हो पाया, तो बड़ी संख्या में वास्तविक किसान आगामी धान खरीदी में अपनी उपज बेचने से वंचित हो सकते हैं।वे शासन की अन्य महत्वपूर्ण कृषि-कल्याणकारी योजनाओं का लाभ नहीं उठा सकेंगे।
प्रशासन से मुख्य मांगें
समय-सीमा में वृद्धि: एग्री स्टैक पंजीयन की अंतिम तिथि को कम से कम एक माह आगे बढ़ाया जाए।
प्रक्रिया का सरलीकरण: तकनीकी त्रुटियों को सुधारकर पंजीयन प्रक्रिया को व्यावहारिक और सुगम बनाया जाए।
विशेष शिविरों का आयोजन: राजस्व एवं कृषि विभाग के समन्वय से गाँव-गाँव में विशेष शिविर लगाकर शेष 65% किसानों का पंजीयन प्राथमिकता के आधार पर कराया जाए।
“जिला प्रशासन को किसानों के हित को सर्वोपरि रखते हुए शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए, ताकि प्रदेश का कोई भी पात्र किसान धान बेचने या शासकीय योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।”
वतन चंद्राकर,जिला पंचायत सदस्य

