मार्च 2025 की डेडलाइन बीतने के बाद भी काम बंद, एसटीपी भवन बना असामाजिक तत्वों का अड्डा

जल कार्य विभाग के सभापति नरेन्द्र लोधी के नेतृत्व में भाजपा पार्षदों ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी को पत्र लिखकर ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने व पेनल्टी वसूलने की मांग की

आरंग : नगर पालिका परिषद आरंग के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर माने जाने वाले ‘झलमला तालाब’ के अस्तित्व पर गहराते खतरे और इसके संरक्षण में हो रही घोर लापरवाही को लेकर प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। नगर पालिका परिषद आरंग के जल कार्य विभाग के सभापति एवं वार्ड क्रमांक 03 के पार्षद नरेन्द्र कुमार लोधी के नेतृत्व में भाजपा पार्षदों ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) राम संजीवन सोनवानी को एक आधिकारिक पत्र भेजकर STP (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) निर्माण में जुटी ठेकेदार फर्म ‘श्याम बिल्डकॉन बरमकेला’ के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है।

क्या है पूरा मामला..?

आरंग के वार्ड क्रमांक 03 स्थित झलमला तालाब नगर का सबसे बड़ा और प्राचीन निस्तारी तालाब है। पिछले लंबे समय से शहर की विभिन्न नालियों का गंदा पानी, प्लास्टिक, पॉलीथीन और ठोस कचरा सीधे इस तालाब में बहाया जा रहा है। इसके कारण तालाब का जल पूरी तरह प्रदूषित हो चुका है और वर्तमान में उपयोग लायक नहीं बचा है। तालाब से उठने वाली तीव्र दुर्गंध के कारण आसपास की विशाल आबादी का जीना मुहाल हो चुका है।

स्थानीय निवासियों और वार्ड पार्षद की लगातार मांग पर शासन द्वारा तालाब के संरक्षण और नालियों के पानी को फिल्टर करने के लिए ₹168.87 लाख (1.68 करोड़ रुपये) की लागत से STP निर्माण की स्वीकृति 06 फरवरी 2023 को प्रदान की गई थी।

समय-सीमा समाप्त, लेकिन जमीनी हकीकत ढाक के तीन पात

स्वीकृति के बाद परियोजना का क्रियान्वयन इस प्रकार होना था:

निविदा जारी होने की तिथि: 13 फरवरी 2023

कार्य-आदेश (Work Order): 08 सितंबर 2023

अनुबंधित ठेकेदार: श्याम बिल्डकॉन बरमकेला

निर्धारित समय-सीमा: वर्षा ऋतु सहित 18 माह (मार्च 2025 तक)

हैरानी की बात यह है कि मार्च 2025 की तय समयावधि बीत जाने के बाद भी 28 जुलाई 2026 की स्थिति में निर्माण कार्य अपूर्ण और पूरी तरह बंद पड़ा हुआ है। ठेकेदार की इस लेटलतीफी और उदासीनता के कारण योजना का लाभ नागरिकों को नहीं मिल पा रहा है।

अधूरा भवन बना असामाजिक गतिविधियों का गढ़

पार्षद नरेन्द्र कुमार लोधी ने अपने पत्र में एक और गंभीर सामाजिक समस्या की ओर ध्यान आकर्षित किया है। उन्होंने बताया कि एसटीपी के लिए बनाए गए आधे-अधूरे भवन में कोई दरवाजा या गेट नहीं लगाया गया है।

इस सुरक्षा चूक का फायदा उठाकर असामाजिक तत्वों ने इस परिसर को जुआ खेलने और शराब पीने का अड्डा बना लिया है। रात भर शराबियों की गालियों और जुआरियों के शोर-शराबे के कारण आसपास रहने वाले परिवारों और महिलाओं का रहना दूभर हो गया है। विकास के नाम पर खड़ा किया गया यह ढांचा अब स्थानीय निवासियों के लिए सिरदर्द बन चुका है।

जनप्रतिनिधियों और नागरिकों में भारी आक्रोश, उठी कड़े एक्शन की मांग

कार्य बंद होने और क्षेत्र में बढ़ती आपराधिक गतिविधियों के कारण वार्डवासियों में भारी नाराजगी है, जिसका खामियाजा जनप्रतिनिधियों को भुगतना पड़ रहा है। जनता के आक्रोश को देखते हुए सभापति नरेन्द्र कुमार लोधी ने नगर पालिका प्रशासन से 3 प्रमुख मांगें रखी हैं जिसमें: 

कड़ी पेनल्टी वसूली: कार्य में जानबूझकर की गई देरी और अनियमितता के लिए ठेकेदार पर भारी आर्थिक दंड (पेनल्टी) लगाया जाए।

तत्काल ब्लैकलिस्टिंग व भुगतान पर रोक: दोषी फर्म ‘श्याम बिल्डकॉन बरमकेला’ का सारा भुगतान तुरंत प्रभाव से रोका जाए और उसे काली सूची (Blacklist) में डाला जाए।

नया ठेकेदार नियुक्त कर काम पूरा करना: इस महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी परियोजना को किसी अन्य सक्षम ठेकेदार के माध्यम से जल्द से जल्द पूर्ण कराया जाए ताकि ऐतिहासिक झलमला तालाब को बचाया जा सके।

ज्ञापन सौंपने के दौरान पार्षद संतोष लोधी,गोलू वीरेंद्र कंडरा,पार्षद प्रतिनिधि राकेश सोनकर,विक्रम परमार,खिलेश धुरंधर,तोषण साहू उपस्थित रहे।

“झलमला तालाब आरंग की धरोहर है। ठेकेदार की लापरवाही के कारण जनता परेशान हो रही है और सरकारी पैसे का दुरुपयोग हो रहा है। यदि प्रशासन जल्द कार्रवाई नहीं करता, तो जनहित में उग्र कदम उठाए जाएंगे।”

— नरेन्द्र कुमार लोधी, सभापति (जल कार्य विभाग) एवं पार्षद, वार्ड 03, नगर पालिका परिषद आरंग

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed

error: Content is protected !!