नगर तथा आसपास के ग्रामीण अंचलों में इंडेन घरेलू गैस सिलेंडर की आपूर्ति को लेकर उपभोक्ताओं का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। विगत दिनों गिरिजा इंडेन गैस एजेंसी के सील होने के बाद आरंग क्षेत्र के लगभग 22,000 पंजीकृत उपभोक्ताओं के वितरण का अतिरिक्त प्रभार सत्कार गैस एजेंसी को सौंपा गया था। हालांकि, एजेंसी बदलने के बावजूद व्यवस्था सुधरने के बजाय और अधिक बिगड़ गई है।

ताजा मामले में उपभोक्ताओं ने सत्कार गैस एजेंसी पर गंभीर आरोप लगाते हुए खुलासा किया है कि सील बंद सिलेंडरों में 02 किलोग्राम तक की घटतौली की जा रही है। एक तरफ जहां उपभोक्ता एलपीजी की किल्लत से परेशान हैं, वहीं दूसरी तरफ मजबूरी का फायदा उठाकर उनके साथ सरेआम ठगी की जा रही है।

सिलेंडर के वजन का गणित: जानिए कैसे पहचानें ठगी..?

अक्सर जानकारी के अभाव में ग्रामीण और शहरी उपभोक्ता ठगी का शिकार हो जाते हैं। घरेलू एलपीजी सिलेंडर का कुल वजन मुख्य रूप से दो हिस्सों में विभाजित होता है:

खाली सिलेंडर का वजन (Tare Weight): यह सिलेंडर की मैटेलिक बॉडी पर ऊपर या लाल रंग की पट्टी पर स्पष्ट रूप से अंकित होता है (साधारणतः यह 14.5 किग्रा से 15.8 किग्रा के मध्य होता है)।

शुद्ध गैस का वजन (Net Weight): मानक नियमों के तहत प्रत्येक घरेलू सिलेंडर में 14.2 किलोग्राम एलपीजी गैस भरी जानी अनिवार्य है।

उदाहरण: यदि आपके सिलेंडर की बॉडी पर खाली वजन 15.2 KG लिखा हुआ है, तो उसमें 14.2 KG गैस जोड़ने पर तौल मशीन (कांटे) पर कुल वजन 29.4 KG आना चाहिए। यदि तौलने के दौरान इससे कम वजन आता है, तो सीधा अर्थ है कि सिलेंडर से गैस निकाली गई है।

सब्सिडी वाले घरेलू सिलेंडर होटलों और ठेलों में खप रहे; कालाबाजारी बेरोक-टोक

एक तरफ आम उपभोक्ता सिलेंडर के लिए कतारों में लग रहे हैं और कम वजन वाले सिलेंडर लेने को मजबूर हैं, वहीं दूसरी तरफ क्षेत्र में गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी धड़ल्ले से जारी है।

व्यावसायिक दुरुपयोग: आरंग क्षेत्र के विभिन्न होटलों, रेस्टोरेंटों, ढाबों और रोड-साइड ठेलों-खोमचों पर नियमानुसार नीले रंग के कमर्शियल सिलेंडर का उपयोग होना चाहिए। इसके विपरीत, वहां सब्सिडी वाले लाल घरेलू गैस सिलेंडरों का खुलेआम व्यावसायिक इस्तेमाल किया जा रहा है।

प्रशासनिक उदासीनता: स्थानीय निवासियों का आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा इस पूरी धांधली पर कोई ठोस और सख्त जांच या छापेमारी नहीं की जा रही है, जिससे गैस माफिया और घटतौली करने वालों के हौसले बुलंद हैं।

 खाद्य निरीक्षक ने दिया जांच का आश्वासन

इस गंभीर अनियमितता के संबंध में जब खाद्य निरीक्षक (Food Inspector) से सीधी चर्चा की गई, तो उन्होंने कहा कि “प्राप्त शिकायतों के आधार पर सत्कार गैस एजेंसी और वितरण व्यवस्था की जांच की जाएगी। सील बंद सिलेंडर में वजन कम मिलना या कालाबाजारी होना गंभीर मामला है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त से सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।”

उपभोक्ता जागरूकता संदेश: ठगी से बचने के लिए अपनाएं ये 3 कदम

गैस एजेंसी और डिलीवरी वैन चालकों की ठगी का शिकार होने से बचने के लिए उपभोक्ता इन बातों का ध्यान रखें:

डिजिटल कांटा से वजन करवाएं: नियम के अनुसार प्रत्येक डिलीवरी वैन में चालू हालत में डिजिटल तौल मशीन होना अनिवार्य है। सील बंद सिलेंडर की डिलीवरी लेते समय डिलीवरी मैन से वजन अवश्य करवाएं।

बॉडी पर लिखा वजन चेक करें: सिलेंडर लेते समय उस पर अंकित ‘Tare Weight’ पढ़ें और उसमें 14.2 किलो जोड़कर कुल वजन का मिलान करें।

कम वजन पर सिलेंडर लेने से मना करें: यदि सील टूटी हो या वजन निर्धारित मानक से कम मिले, तो सिलेंडर लेने से तुरंत इनकार करें और इसकी लिखित शिकायत एजेंसी संचालक तथा खाद्य विभाग के टोल-फ्री नंबर पर दर्ज कराएं।

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