मुंबई ब्यूरो: शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास एवं मुंबई विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE), मुंबई के प्रेक्षागृह में “विकसित भारत हेतु शिक्षा” विषय पर आयोजित एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी में छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब मुख्य रूप से उपस्थित रहे। इस गरिमामयी राष्ट्रीय संगोष्ठी में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले की विशेष उपस्थिति रही।

संगोष्ठी के दौरान कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने छत्तीसगढ़ राज्य में शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे अभूतपूर्व नवाचारों, भावी योजनाओं और भारतीय ज्ञान परंपरा के समावेश की दिशा में हो रहे कार्यों का विस्तृत ब्योरा प्रस्तुत किया।
मातृभाषा और भारतीय ज्ञान परंपरा का संगम: CSVTU की ऐतिहासिक पहल
संगोष्ठी में छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय (CSVTU), भिलाई द्वारा तकनीकी शिक्षा को भारतीय संस्कृति और मातृभाषा से जोड़ने के लिए उठाए गए क्रांतिकारी कदमों को प्रमुखता से रेखांकित किया गया। CSVTU द्वारा प्रथम एवं द्वितीय सेमेस्टर के सभी विषयों की पुस्तकों का अनुवाद हिन्दी भाषा में पूरा कर लिया गया है। इस पहल से प्रदेश के ग्रामीण व आंचलिक पृष्ठभूमि के विद्यार्थियों को तकनीकी विषयों की अवधारणाओं को समझने में अत्यधिक सुगमता होगी। विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों, चरित्र निर्माण और संस्कारों के बीजारोपण हेतु इस्कॉन (ISKCON) के साथ एक विशेष एमओयू (MoU) किया गया है। इसके अंतर्गत पाठ्यक्रम में ‘श्रीमद्भगवद्गीता’ के जीवन मूल्यों और व्यावहारिक ज्ञान को शामिल किया गया है।
“शिक्षा केवल ज्ञान अर्जित करने या डिग्री प्राप्त करने का साधन मात्र नहीं है; यह राष्ट्र निर्माण, संस्कार, नवाचार, आत्मनिर्भरता और चरित्र निर्माण की सबसे सशक्त आधारशिला है।”

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में शिक्षा का स्वर्णिम काल
संगोष्ठी में बताया गया कि छत्तीसगढ़ के यशस्वी मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के कुशल नेतृत्व में प्रदेश शिक्षा के क्षेत्र में एक नया स्वर्णिम अध्याय लिख रहा है। राज्य सरकार प्रदेश के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण, कौशल-आधारित और मूल्य-निष्ठ शिक्षा प्रदान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

देशभर के शिक्षाविदों का प्रेरणादायी संवाद
इस राष्ट्रीय संगोष्ठी में देशभर से आए प्रसिद्ध शिक्षाविदों, नीति-निर्माताओं, कुलपतियों एवं विषय-विशेषज्ञों ने भाग लिया। कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने राष्ट्रीय स्तर के विचारकों व विशेषज्ञों से संवाद किया और शिक्षा के माध्यम से एक समृद्ध, आत्मनिर्भर और सशक्त भारत के निर्माण पर विचार साझा किए।

