जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में आतंकवादियों द्वारा छत्तीसगढ़ के शक्ति जिले के दो निर्दोष श्रमिकों की निर्मम हत्या पर शिवसेना (जिला ग्रामीण) ने गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। शिवसेना पदाधिकारियों ने इस कायराना हरकत की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए मृतक श्रमिकों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की है।
“निर्दोषों की हत्या अत्यंत दुखद और निंदनीय” — राकेश शर्मा
शिवसेना जिला ग्रामीण अध्यक्ष एवं पार्षद प्रतिनिधि राकेश शर्मा ने घटना पर दुख जताते हुए कहा कि शक्ति जिले के 24 वर्षीय दीपक रात्रे और 28 वर्षीय भूपेंद्र की इस तरह की गई निर्मम हत्या अत्यंत दुखद, दर्दनाक और निंदनीय है। निर्दोष और मेहनतकश नागरिकों को निशाना बनाना आतंकवादियों की हताशा को दर्शाता है।
“नाम पूछकर की गई हत्या से देश आहत” — राज दुबे
शिवसेना के नगर अध्यक्ष राज दुबे ने कायराना आतंकी हमले में जान गंवाने वाले श्रमिकों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा:
“जिस तरह नाम पूछकर निर्दोषों की हत्या की गई है, उससे न केवल संपूर्ण हिंदू समाज, बल्कि पूरा देश बेहद आहत और उद्वेलित हुआ है। ऐसे कायराना कृत्यों का मुंहतोड़ जवाब दिया जाना चाहिए।”
“आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता” — केशव वैष्णव
शिवसेना नेता केशव वैष्णव ने घटना की कड़े शब्दों में भर्त्सना करते हुए कहा कि आतंकवाद का कोई धर्म या जाति नहीं होती। उनका एकमात्र उद्देश्य देश में दहशत फैलाना है। उन्होंने शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं और ईश्वर से इस असहनीय दुख को सहने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।
शिवसेना की प्रमुख मांगें:
कठोर कार्रवाई: केंद्र एवं राज्य सरकार से मांग है कि कुलगाम हमले में शामिल आतंकवादियों को जल्द से जल्द चिन्हित कर उनका सफाया किया जाए।
उचित मुआवजा: पीड़ित परिजनों को तत्काल प्रभाव से भारी आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए।
सुरक्षा व्यवस्था: जम्मू-कश्मीर में काम कर रहे छत्तीसगढ़ और देश के अन्य राज्यों के श्रमिकों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं।

