आरंग नगर के वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी चौक स्थित वार्ड क्रमांक 02 के आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 01 की स्थिति अत्यंत जर्जर और चिंताजनक बनी हुई है। नौनिहालों के सर्वांगीण विकास और पोषण के लिए संचालित यह केंद्र खुद अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। खस्ताहाल इमारत और टूट-फूट के बीच यहाँ हर दिन मासूम बच्चों की जान जोखिम में डालकर केंद्र का संचालन किया जा रहा है।

जनप्रतिनिधियों ने किया निरीक्षण, प्रशासनिक उपेक्षा पर जताई चिंता
आंगनबाड़ी केंद्र की जर्जर हालत की सूचना मिलने पर वार्ड नंबर 03 के पार्षद नरेंद्र लोधी और वार्ड नंबर 10 के पार्षद संतोष लोधी ने संयुक्त रूप से केंद्र का निरीक्षण किया।निरीक्षण के दौरान भवन की खस्ताहाल स्थिति, दीवारों की दरारें और सुरक्षा के अभाव को देखकर दोनों जन प्रतिनिधियों ने गहरी चिंता व्यक्त की। पार्षदों ने कहा कि मासूम बच्चों को ऐसे खतरनाक और जर्जर माहौल में बैठाना सीधे तौर पर उनकी जान से खिलवाड़ है। उन्होंने प्रशासन से अविलंब व्यवस्था सुधारने और केंद्र को किसी सुरक्षित भवन में स्थानांतरित करने की मांग की है।

जर्जर इमारत और टूटती दीवारें
सामुदायिक भवन के इस जर्जर कमरे की हालत इतनी खराब है कि दीवारों पर बड़ी-बड़ी दरारें साफ देखी जा सकती हैं। प्लास्टर झड़ रहा है और भवन कभी भी हादसे का कारण बन सकता है। इसके अलावा खिड़कियों के पल्ले सड़ चुके हैं और जालिया/ग्रिल जर्जर अवस्था में हैं, जिससे बाहरी खतरे सीधे अंदर आ सकते हैं।फर्श की टाइल्स बुरी तरह टूटकर नीचे धंस चुकी हैं। फर्श पर बनी इन गहरी दरारों और सुराखों के कारण सांप, बिच्छू जैसे जहरीले जीव-जंतुओं के अंदर घुसने का हर वक्त डर बना रहता है।

दो वार्डों के बच्चे एक ही जर्जर छत के नीचे
बच्चों की उपस्थिति कम होने के कारण वार्ड क्रमांक 03 के आंगनबाड़ी केंद्र के बच्चों को भी इसी जर्जर भवन में साथ बैठाया जा रहा है। ऐसे में दो-दो वार्डों के छोटे-छोटे मासूमों की सुरक्षा पूरी तरह से ताक पर रख दी गई है। बारिश के मौसम में जहरीले जीवों का खतरा और भी बढ़ जाता है।

प्रशासनिक लाचारी: प्रस्ताव भेजा, स्वीकृति का इंतजार
मामले की गंभीरता पर जब महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी सोमनाथ राजपूत से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि “वर्तमान में आंगनबाड़ी केंद्र एक सामुदायिक भवन में संचालित हो रहा है। भवन की स्थिति को देखते हुए किराए के किसी अन्य सुरक्षित भवन की तलाश की जा रही है। साथ ही नए भवन निर्माण के लिए उच्च कार्यालय को मांग पत्र भेजा गया है, लेकिन अभी तक स्वीकृति नहीं मिल सकी है।”

स्थानीय निवासियों व अभिभावकों की मांग
स्थानीय निवासियों और अभिभावकों का कहना है कि किसी बड़े हादसे का इंतजार करने के बजाय प्रशासन को तत्काल प्रभाव से इस केंद्र को किसी सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करना चाहिए। यदि जल्द ही इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो नौनिहालों की सुरक्षा को लेकर बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

