आरंग : प्रदेश में कुपोषण मुक्ति, पोषण सुदृढ़ीकरण तथा पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से चलाए जा रहे ‘हर घर मुनगा अभियान’ के अंतर्गत जन-जागरूकता का दायरा लगातार विस्तृत हो रहा है। महिला एवं बाल विकास विभाग, छत्तीसगढ़ शासन के विशेष आह्वान पर अम्बेडकर वार्ड क्रमांक 15 स्थित आंगनवाड़ी केंद्र में एक पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।इस अवसर पर छत्तीसगढ़ चर्म शिल्पकार विकास बोर्ड के अध्यक्ष ध्रुव कुमार मिर्धा ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। कार्यक्रम के दौरान अध्यक्ष ध्रुव कुमार मिर्धा ने स्वयं आंगनवाड़ी परिसर में कटहल और मुनगा (सहजन) के पौधों का रोपण किया।

पोषण और स्वास्थ्य के लिए मुनगा वरदान: ध्रुव कुमार मिर्धा

पौधारोपण के उपरांत कार्यक्रम को संबोधित करते हुए छत्तीसगढ़ चर्म शिल्पकार विकास बोर्ड के अध्यक्ष ध्रुव कुमार मिर्धा ने कहा कि शासन द्वारा संचालित ‘हर घर मुनगा योजना’ केवल वृक्षारोपण का कार्य नहीं, बल्कि कुपोषण के खिलाफ एक सशक्त जनांदोलन है।

उन्होंने मुनगा के औषधीय एवं पोषण गुणों को रेखांकित करते हुए कहा “मुनगा (सहजन) कुपोषण को दूर करने के लिए प्रकृति का एक अनमोल उपहार है। इसकी पत्तियाँ और फलियाँ विटामिन, कैल्शियम और प्रोटीन से भरपूर होती हैं। यदि हर परिवार अपने घर के बाड़ी या परिसर में मुनगा का पौधा लगाए और उसकी नियमित देखरेख करे, तो महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य में क्रांतिकारी सुधार लाया जा सकता है।”

उन्होंने उपस्थित नागरिकों से अपील की कि वे न केवल पौधे लगाएं, बल्कि उन्हें एक वृक्ष के रूप में विकसित होने तक उनकी सुरक्षा और देखभाल का संकल्प भी लें।

 

वार्ड नं. 03 में पार्षद नरेंद्र लोधी ने चुलमाटी स्थल पर स्थित आंगनबाड़ी परिसर पर किया पौधारोपण

अभियान को आगे बढ़ाते हुए वार्ड क्रमांक 03 में स्थानीय पार्षद नरेंद्र लोधी की अगुवाई में विशेष पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। पार्षद नरेंद्र लोधी ने वार्ड के सांस्कृतिक एवं धार्मिक महत्व वाले चुलमाटी स्थल स्थित आंगनबाड़ी परिसर में मुनगा के पौधों का रोपण किया।

पौधारोपण के पश्चात पार्षद नरेंद्र लोधी ने कहा “वार्ड को हरा-भरा और स्वस्थ बनाना हमारी प्राथमिकता है। आंगनवाड़ी केंद्र और चुलमाटी स्थल जैसे सार्वजनिक व सामुदायिक स्थानों पर मुनगा रोपने का उद्देश्य यही है कि वार्ड का हर नागरिक इसके पोषण लाभों से जागरूक हो। हम न केवल पौधे लगा रहे हैं, बल्कि इनके पूर्ण वृक्ष बनने तक इनकी देखरेख और सुरक्षा की जिम्मेदारी भी ले रहे हैं।”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed

error: Content is protected !!