आरंग: संकुल खमतराई के शासकीय हाई स्कूल एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालय में विद्यार्थियों को देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था से व्यावहारिक रूप से जोड़ने के लिए एक अनुठा और प्रेरणादायक प्रयोग किया गया। यहाँ ‘बाल कैबिनेट’ का गठन किसी सामान्य प्रक्रिया से नहीं, बल्कि पूर्णतः लोकतांत्रिक और निष्पक्ष चुनावी प्रणाली के माध्यम से संपन्न हुआ।
संकुल प्राचार्य टिकेश्वरी चंद्राकर और संकुल समन्वयक हरीश दीवान के कुशल मार्गदर्शन में आयोजित इस चुनाव ने पूरे विद्यालय परिसर को एक जीवंत निर्वाचन क्षेत्र में बदल दिया।
नामांकन, चुनाव प्रचार और बैलेट पेपर: दिखा असली चुनाव जैसा रोमांच
प्रक्रिया की शुरुआत बिल्कुल वास्तविक चुनावों की तर्ज पर हुई। अभ्यर्थियों ने अपने पर्चे भरे और उन्हें तय समय सीमा में नाम वापसी का मौका भी दिया गया। मैदान में डटे छात्र-छात्राओं ने अपने-अपने चुनाव चिह्नों के साथ सुंदर और आकर्षक पोस्टर बनाकर सहपाठियों के बीच जमकर प्रचार-प्रसार किया।
चुनाव को पारदर्शी बनाने के लिए विद्यार्थियों और शिक्षकों को ही पीठासीन अधिकारी तथा मतदान अधिकारियों की जिम्मेदारी सौंपी गई। मतदान के दौरान बच्चों में अभूतपूर्व उत्साह देखा गया और सभी ने पूरी ईमानदारी से अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
इन्होंने संभाली बाल कैबिनेट की कमान
शांतिपूर्ण मतदान और पारदर्शी मतगणना के बाद चुनाव परिणामों की घोषणा की गई, जिसमें विजयी छात्र-छात्राओं को जिम्मेदारियाँ सौंपी गईं:
केंद्रीय पदाधिकारी: शाला नायक युवराज साहू, उप शाला नायक हिमांशु यादव, क्रीड़ा सचिव नवीन लोधी, उप क्रीड़ा सचिव योग्यता साहू, सांस्कृतिक सचिव प्रतीक्षा यादव, उप सांस्कृतिक सचिव जागृति साहू बनाए गए।
विभागीय प्रमुख: स्काउट प्रमुख मानसू लोधी, गाइड प्रमुख वीणा साहू, रेड क्रॉस प्रमुख लेशमी साहू, अनुशासन प्रमुख काव्या लोधी, स्वच्छता प्रमुख मीनाक्षी साहू एवं पर्यावरण प्रमुख इंदु साहू चुने गए।
कक्षा नायक एवं उप कक्षा नायक:
कक्षा 6वीं: मयंक यादव एवं दीक्षा साहू
कक्षा 7वीं: वैष्णवी साहू एवं रितिका साहू
कक्षा 8वीं: पुराणिक दास मानिकपुरी एवं ऋषिका साहू
कक्षा 9वीं: कंचन यादव एवं योगेश साहू
कक्षा 10वीं: देविका लोधी एवं हिमांशु लोधी
शिक्षकों का रहा विशेष योगदान
इस पूरे आयोजन ने विद्यार्थियों के मन में निर्वाचन प्रक्रिया को लेकर बनी उत्सुकता को दूर किया और उनमें लोकतांत्रिक मूल्यों की समझ विकसित की। कार्यक्रम को सफल बनाने में सी. एल. एनेस्वरी, लायक सिंह डहरिया, तारकेश्वर डडसेना, पुनेश्वर साहू, हेमा बंजारे, सौरभ साहू, बबीता लहरे तथा सीमा राठौर का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

