आरंग : राज्य परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा, छत्तीसगढ़ के आदेशानुसार प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में विद्यालयों की भूमिका विषय पर आयोजित दस दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यशाला में भाग लेने के लिए आरंग विकासखंड के दो शिक्षक मध्य प्रदेश के दमोह के लिए रवाना हो गए हैं।
पूर्व माध्यमिक विद्यालय चपरीद के नवाचारी शिक्षक नेमेश्वर साहू एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालय तुलसी के शिक्षक गणेशराम साहू 2 अगस्त को ट्रेन से सी.सी.आर.टी. (CCRT) दमोह (म.प्र.) के लिए रवाना हुए।
छत्तीसगढ़ से केवल 10 शिक्षकों का चयन
उल्लेखनीय है कि इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय कार्यशाला के लिए पूरे छत्तीसगढ़ राज्य से मात्र 10 शिक्षकों का चयन किया गया है। इसमें रायपुर जिले के सुदूर ग्रामीण अंचल से नेमेश्वर साहू एवं गणेशराम साहू का चयन होना आरंग विकासखंड और रायपुर जिले के लिए अत्यंत गौरव की बात है।
यह राष्ट्रीय कार्यशाला 3 अगस्त से 12 अगस्त तक आयोजित की जा रही है, जहाँ शिक्षक अपनी-अपनी शालाओं में सांस्कृतिक व प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण को बढ़ावा देने के गुर सीखेंगे।
शिक्षकों की इस उपलब्धि पर शिक्षा विभाग और शिक्षक संघ में हर्ष का माहौल है। विकासखंड शिक्षा अधिकारी दिनेश शर्मा,बी.आर.सी.सी. आरंग सुरेंद्र सिंह चंद्रसेन एवं शिक्षक कल्याण संघ के प्रवक्ता पं. छत्रधर दीवान ने दोनों शिक्षकों को उज्ज्वल भविष्य और सफल प्रशिक्षण हेतु बधाई दी।
बधाई एवं शुभकामनाएं देने वालों में विभागीय व संघ पदाधिकारी अध्यक्ष हरीश दीवान, व्याख्याता निर्मला पाण्डेय, प्रफुल्ल कुमार मांझी, ईश्वर कुमार साहू, राजकुमार दीपक साथी शिक्षक: गणपत प्रसाद साहू, युवराम साहू, हेमंत चंद्राकर, छोटूराम साहू सहित क्षेत्र के अनेक शिक्षक-शिक्षिकाओं ने हर्ष व्यक्त किया है।

