आरंग : सावन माह के पावन प्रथम सोमवार के अवसर पर आरंग स्थित अति प्राचीन एवं पौराणिक मंदिर बाबा बागेश्वर नाथ धाम में असीम आस्था और उत्साह का वातावरण देखने को मिला। छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जाति आयोग के नवनियुक्त उपाध्यक्ष वेदराम मनहरे ने इस पावन अवसर पर अपने परिवार के साथ भगवान शिव की विशेष आराधना की और क्षेत्रवासियों की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली के लिए रुद्राभिषेक किया।

परंपरा और अटूट आस्था का संगम
आरंग क्षेत्र में अपने धार्मिक और सामाजिक कार्यों के लिए विशेष पहचान रखने वाले वेदराम मनहरे प्रतिवर्ष सावन माह में बाबा बागेश्वर नाथ मंदिर में जलाभिषेक एवं रुद्राभिषेक की पूजा-अर्चना कराते आ रहे हैं। इस वर्ष आयोग के उपाध्यक्ष पद का दायित्व मिलने के बाद उनकी इस धार्मिक अनुष्ठान में सहभागिता और अधिक विशेष रही।
वैदिक मंत्रोचार के बीच उन्होंने भगवान भोलेनाथ का दूध, जल, शहद और बेलपत्र से अभिषेक किया तथा क्षेत्र की प्रगति, शांति और जनकल्याण की प्रार्थना की।

महाप्रसाद का वितरण, उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
विशेष पूजा-अर्चना के संपन्न होने के पश्चात मंदिर परिसर में भव्य प्रसाद वितरण का आयोजन किया गया। उपाध्यक्ष वेदराम मनहरे ने स्वयं उपस्थित होकर श्रद्धालुओं को खीर और पूड़ी का प्रसाद वितरित किया। इस दौरान पूरे मंदिर प्रांगण में ‘हर-हर महादेव’ और ‘जय बाबा बागेश्वर नाथ’ के जयकारे गूंजते रहे।
अनुष्ठान और भंडारे में क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में स्थानीय श्रद्धालुओं ने शामिल होकर भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त किया।

पौराणिक महत्व: प्रभु श्री राम के चरण पड़े थे इस पावन धाम में
आरंग का बाबा बागेश्वर नाथ मंदिर क्षेत्र के सबसे प्राचीन और ऐतिहासिक मंदिरों में से एक माना जाता है।
ऐतिहासिक व धार्मिक मान्यता:
ऐसी जनश्रुति और धार्मिक मान्यता है कि अपने 14 वर्षों के वनवास काल के दौरान मर्यादा पुरुषोत्तम श्री रामचंद्र जी ने इस स्थान पर रुककर बाबा बागेश्वर नाथ की पूजा-अर्चना की थी। यही कारण है कि इस मंदिर के प्रति जन-जन में गहरी आस्था है और सावन के महीने में यहाँ दूर-दूर से श्रद्धालु दर्शन-पूजन के लिए पहुँचते हैं।

