आरंग क्षेत्र में इंडेन गैस आपूर्ति की बदहाली,सिलेंडर के वजन में हेराफेरी, होम डिलीवरी न मिलना और गैस सिलेंडरों के वितरण में अव्यवस्था को लेकर ‘द आरंग पोस्ट’ में प्रकाशित खबर का जोरदार असर देखने को मिला है। खबर सामने आते ही प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया और आरंग के खाद्य निरीक्षक राकेश साहू ने ‘सत्कार गैस एजेंसी’ के वितरण स्थल पर औचक दबिश देकर पूरे मामले का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक टीम, स्थानीय जनप्रतिनिधि और पत्रकार की मौजूदगी में पंचनामा तैयार किया गया, जिसमें उपभोक्ताओं को होम डिलीवरी न मिलने और खुले में सिलेंडर वितरण की पोल खुल गई।
पंचनामे में उजागर हुई लापरवाही: घर-घर डिलीवरी के बजाय मंडी के सामने बांटे जा रहे थे सिलेंडर

खाद्य विभाग की टीम जब कलई चौक और नया मंडी परिसर के पास पहुंची, तो पाया गया कि सत्कार गैस एजेंसी द्वारा सिलेंडरों की डिलीवरी कलई रोड नया मंडी के सामने की जा रही थी। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने जब रैंडम आधार पर उपभोक्ताओं से पूछताछ की और उनके बयान दर्ज किए, तो एजेंसी की मनमानी खुलकर सामने आ गई।
बुकिंग के बावजूद खुद चक्कर काटने को मजबूर: मौके पर मिले एक उपभोक्ता ने बताया कि उन्होंने होम डिलीवरी के लिए बुकिंग की थी। इसके बावजूद घर पर सिलेंडर नहीं पहुंचाया गया। मजबूरन उन्हें खुद नया मंडी के सामने आकर ₹1013.50 का भुगतान कर सिलेंडर लेना पड़ा।
उपभोक्ताओं के संयुक्त बयान: स्थल पर मौजूद अन्य कई उपभोक्ताओं ने भी संयुक्त रूप से खाद्य निरीक्षक को बताया कि उन्होंने नियमानुसार होम डिलीवरी के लिए बुकिंग कराई थी। लेकिन डिलीवरी न मिलने के कारण वे खुद आकर ₹1013.50 देकर सिलेंडर ले जा रहे हैं।

जनप्रतिनिधि और पत्रकार की मौजूदगी में तौले गए 7 सिलेंडर
खाद्य निरीक्षक द्वारा की गई इस जांच और पंचनामा कार्रवाई के दौरान सत्कार गैस एजेंसी के मैनेजर जसवीर सिंह, वार्ड नंबर 03 के पार्षद नरेंद्र लोधी और पत्रकार टुकेश्वर लोधी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
जांच टीम ने मौके पर मौजूद 14 किलोग्राम वाले 07 नग लाल सिलेंडरों का रैंडम आधार पर वजन (तौल) कराया और पूरे विवरण को आधिकारिक तौल पत्रक में दर्ज किया।

जनता की आवाज बना ‘द आरंग पोस्ट’
पूर्व में ‘गिरिजा इंडेन’ के सील होने के बाद उपभोक्ताओं को उम्मीद थी कि ‘सत्कार गैस एजेंसी’ के आने से व्यवस्था सुधरेगी, लेकिन सिलेंडर के वजन में हेराफेरी,होम डिलीवरी का न मिलना और उपभोक्ताओं को भटकना यह साबित कर रहा था कि व्यवस्था बेपटरी हो चुकी है। ‘द आरंग पोस्ट’ द्वारा इस जनसमस्या को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद ही खाद्य विभाग एक्शन मोड में आया है।
आगे क्या..?
खाद्य विभाग द्वारा तैयार किए गए पंचनामे और उपभोक्ताओं के दर्ज बयानों के बाद अब देखना यह होगा कि संबंधित गैस एजेंसी प्रबंधन पर क्या वैधानिक व प्रशासनिक कार्रवाई की जाती है, और आम उपभोक्ताओं को कब से घर बैठे सुचारू रूप से सिलेंडर मिलने शुरू होते हैं।

