नगर पालिका परिषद आरंग के अंतर्गत मुख्य सड़कों और डिवाइडरों पर लगे सप्तपर्णी (छातिम) वृक्षों को लेकर जनस्वास्थ्य एवं पर्यावरण के दृष्टिकोण से गंभीर सवाल उठने लगे हैं। वार्ड पार्षद पुष्कर साहू ने इन वृक्षों से आम नागरिकों को हो रही स्वास्थ्य समस्याओं पर गहरा असंतोष व्यक्त करते हुए नगर पालिका प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) राम संजीवन सोनवानी को एक औपचारिक ज्ञापन सौंपकर शहर भर के डिवाइडरों में लगे सप्तपर्णी वृक्षों का तत्काल सर्वे कराने तथा आवश्यकतानुसार इन्हें हटाकर स्वास्थ्यवर्धक पौधों के रोपण की मांग की है।

परागकण से एलर्जी और सांस की बीमारियों का बढ़ता खतरा

ज्ञापन सौंपते हुए पार्षद पुष्कर साहू ने बताया कि सप्तपर्णी वृक्ष के खिलते फूलों से निकलने वाले तीव्र गंध और परागकण (Pollen Grains) वायुमंडल में घुलकर सांस संबंधी बीमारियों को न्योता दे रहे हैं। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और संवेदनशील नागरिकों में इसके प्रभाव से एलर्जी, आंखों में जलन, लगातार छींक आना, सांस लेने में तकलीफ और अस्थमा जैसी गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं।

उन्होंने कहा कि शहर के भीड़भाड़ वाले मुख्य मार्गों और सड़क डिवाइडरों पर ऐसे वृक्षों का बड़े पैमाने पर रोपण किया जाना जनस्वास्थ्य के लिहाज से अत्यंत संवेदनशील विषय है। इस पर नगर पालिका प्रशासन को तत्काल पुनर्विचार करना चाहिए।

नीम, पीपल और बरगद जैसी स्थानीय प्रजातियों के रोपण पर ज़ोर

पार्षद साहू ने नगर पालिका प्रशासन के समक्ष जो मुख्य मांगे रखी हैं उनमें शहर के सभी सड़क डिवाइडरों और सार्वजनिक स्थलों पर लगे सप्तपर्णी वृक्षों की स्थिति का स्वास्थ्य दृष्टिकोण से तत्काल सर्वे कराया जाए।

वृक्ष विस्थापन: जिन क्षेत्रों में नागरिकों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की प्रबल आशंका हो, वहां से इन वृक्षों को वैज्ञानिक व सुरक्षित तरीके से हटाया जाए।

पर्यावरण हितैषी विकल्प: सप्तपर्णी के स्थान पर नीम, पीपल, बरगद व अन्य उपयोगी तथा स्थानीय छायादार प्रजातियों के पौधे रोपे जाएं, जो ऑक्सीजन का स्तर बढ़ाने के साथ-साथ पर्यावरण को भी स्वच्छ रखें।

“नागरिकों की सेहत से समझौता बर्दाश्त नहीं”

पार्षद पुष्कर साहू ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शहर का सौंदर्यीकरण और हरित आवरण बढ़ाना बेहद जरूरी है, लेकिन नागरिकों के स्वास्थ्य और सुरक्षित पर्यावरण की कीमत पर ऐसा सौंदर्यीकरण किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने चेतावनी और आग्रह के लहजे में कहा कि नगर पालिका प्रशासन को जनहित को प्राथमिकता देते हुए इस संवेदनशील मुद्दे पर अविलंब ठोस व व्यावहारिक कार्रवाई करनी चाहिए।

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