आरंग-खरोरा मार्ग पर आए दिन हो रही सड़क दुर्घटनाओं ने क्षेत्रवासियों और राहगीरों की चिंता बढ़ा दी है। मुख्य मार्ग पर लगातार बैठ रहे आवारा मवेशी और सड़क के खतरनाक अंधे मोड़ हादसों की मुख्य वजह बन रहे हैं। बीते दो दिनों के भीतर इस मार्ग पर दो बड़े हादसे सामने आ चुके हैं।
ताजा मामले में आरंग के सुमित भोजनालय के पास सड़क पर बैठे आवारा मवेशी को बचाने के चक्कर में दो ट्रकों के बीच जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि एक ट्रक का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया (वाहन क्रमांक CG 04 J C8175), जबकि दुर्घटना कारित करने वाला दूसरा ट्रक मौके से फरार हो गया। इस हादसे में पीड़ित ट्रक चालक के पैर में गंभीर चोटें आई हैं, जिसे स्थानीय लोगों की मदद से प्राथमिक उपचार के लिए भेजा गया।

16 अगस्त को भी हुई थी भिड़ंत
इससे पहले बीते 16 अगस्त को भी इसी मार्ग के एक अंधे मोड़ पर दो ट्रकों के बीच जोरदार टक्कर हुई थी। लगातार हो रहे इन हादसों से स्पष्ट है कि मार्ग पर सुरक्षा के इंतजाम बेहद कमजोर हैं।
जिम्मेदारी पर उठ रहे सवाल
सड़क पर बेखौफ घूमते और डेरा जमाए आवारा मवेशियों को हटाने की जिम्मेदारी आखिर किसकी है, यह अब तक तय नहीं हो सका है। शासन-प्रशासन और स्थानीय निकायों की अनदेखी के कारण वाहन चालक जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं।
स्थानीय लोगों व राहगीरों ने प्रशासन से मांग की है कि आवारा मवेशियों को तत्काल सड़कों से हटवाकर व्यवस्थित जगह में भेजा जाए और मार्ग के खतरनाक अंधे मोड़ों पर चेतावनी बोर्ड व सांकेतिक चिह्न लगाए जाएं, ताकि भविष्य में होने वाली अनहोनी को रोका जा सके।

