अंधे मोड़ पर रफ्तार का कहर: खेत में घुसने से बचा राजस्थान पासिंग ट्रक, रेलिंग से टकराई दूसरी गाड़ी
प्रत्यक्षदर्शी राजकुमार लोधी (बिल्लू) बाल-बाल बचे; हादसे के बाद केबिन से मशक्कत कर निकाला गया चालक
स्थानीय लोगों में आक्रोश: बार-बार हादसों के बावजूद बेखबर बना शासन-प्रशासन
आरंग: आरंग-खरोरा मुख्य मार्ग स्थित वार्ड क्रमांक 03 के मनियारा बाई लोधी चौक का जानलेवा अंधा मोड़ एक बार फिर जानलेवा साबित हो गया। सोमवार की अलसुबह यहाँ दो भारी ट्रकों के बीच जोरदार भिड़ंत हो गई। हादसा इतना भीषण था कि टकराने के बाद एक ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लगी लोहे की रेलिंग में जा घुसा, वहीं तेज रफ्तार दूसरा ट्रक सड़क किनारे किसान के खेत में उतरते-उतरते बचा। इस घटना में एक चालक केबिन में बुरी तरह फंस गया, जिसे कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकालकर अस्पताल पहुँचाया गया।

कैसे हुआ हादसा..?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह करीब बलौदाबाजार की ओर से सीमेंट से लदा एक ट्रक आरंग की तरफ आ रहा था। इसी दौरान सामने से राजस्थान पासिंग ट्रक (RJ 14 GQ 2337) अत्यधिक तेज रफ्तार में आ रहा था। मनियारा बाई लोधी चौक स्थित अंधे मोड़ पर राजस्थान पासिंग ट्रक के चालक को मोड़ का सही अंदाजा नहीं मिला और अचानक सामने से आ रहे सीमेंट लदे ट्रक को देखकर उसने वाहन से अपना नियंत्रण खो दिया। परिणामस्वरूप दोनों ट्रकों में सीधी और जोरदार टक्कर हो गई।
प्रत्यक्षदर्शी बोले– “मशीन की तरह आई गाड़ी, बाल-बाल बची जान”

हादसे के प्रत्यक्षदर्शी और राजकुमार इलेक्ट्रिकल्स के संचालक राजकुमार लोधी (बिल्लू) ने बताया कि वे अपनी मोटरसाइकिल से खेत से घर की ओर लौट रहे थे, तभी उनकी आंखों के ठीक सामने यह दर्दनाक हादसा घटा। उन्होंने बताया कि “राजस्थान पासिंग ट्रक की गति इतनी तेज थी कि चालक अंधे मोड़ पर संभाल ही नहीं पाया। यदि जरा सा भी फासला कम होता, तो मेरी मोटरसाइकिल भी इसकी चपेट में आ जाती। भगवान का शुक्र है कि मेरी जान बच गई।”
रेस्क्यू कर केबिन से निकाला गया ड्राइवर, दोनों चालक घायल

टक्कर इतनी भयानक थी कि राजस्थान पासिंग ट्रक के केबिन का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और चालक अंदर ही फंसकर रह गया। घटना के तुरंत बाद मौके पर मौजूद राहगीरों ने मशक्कत करके केबिन में फंसे चालक को बाहर निकाला।
राजस्थान पासिंग ट्रक चालक: हाथ और पैर में गंभीर चोटें (अस्थि भंग होने की आशंका)।
सीमेंट ट्रक चालक (बलौदाबाजार): पैर और शरीर में चोटें।
घटना की सूचना तुरंत डायल 112 और 108 संजीवनी एक्सप्रेस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस और आपातकालीन टीम ने दोनों घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, आरंग भर्ती कराया।

प्रशासनिक अनदेखी से सुलग रहा जनाक्रोश
मनियारा बाई लोधी चौक का यह मोड़ अब पूरी तरह से ‘ब्लाइंड स्पॉट’ (खूनी मोड़) बन चुका है। स्थानीय निवासियों और राहगीरों का कहना है कि मोड़ से ठीक पहले न तो कोई स्पीड ब्रेकर है और न ही चेतावनी/रेडियम संकेतक बोर्ड लगे हैं।
प्रशासन की चुप्पी: लगातार हो रही मौतों और हादसों के बाद भी लोक निर्माण विभाग (PWD) और स्थानीय प्रशासन कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है।
क्षेत्रवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस अंधे मोड़ पर गति सीमा निर्धारित करने, स्पीड ब्रेकर बनाने और प्रकाश व रेडियम बोर्ड की व्यवस्था नहीं की गई, तो वे उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे।

