रायपुर,— आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को मरीज तक पहुँचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए एनआईटी रायपुर के टेक्नोलॉजी बिजनेस इनक्यूबेटर एनआईटी रायपुर फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप (NITRRFIE) एवं अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), रायपुर के बीच आज MeitY IndiaAI छत्तीसगढ़ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI-CoE) के अंतर्गत समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।
भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के IndiaAI मिशन तथा छत्तीसगढ़ शासन के सहयोग से एनआईटी रायपुर में स्थापित इस सेंटर की कुल परियोजना लागत ₹20.00 करोड़ है। यह केंद्र तीन रणनीतिक क्षेत्रों — हेल्थकेयर एवं मल्टीडिसिप्लिनरी, माइनिंग एवं मिनरल्स, तथा स्टील एवं इंडस्ट्रीज — पर कार्य कर रहा है, जिससे प्रदेश के अग्रणी चिकित्सा संस्थान के साथ यह साझेदारी विशेष रूप से महत्वपूर्ण हो जाती है।
इस सहयोग के अंतर्गत एम्स रायपुर वास्तविक चिकित्सकीय समस्याएँ एवं विशेषज्ञता साझा करेगा, जबकि AI-CoE अपने शोधकर्ताओं, इनक्यूबेटेड स्टार्टअप्स, विद्यार्थियों, प्रयोगशालाओं एवं कंप्यूटिंग अवसंरचना के माध्यम से समाधान विकसित करेगा। प्राथमिक क्षेत्रों में एआई-आधारित डायग्नोस्टिक्स, क्लिनिकल डिसीजन सपोर्ट, प्रेडिक्टिव एनालिटिक्स, स्वास्थ्य सेवा वितरण एवं अस्पताल संचालन शामिल हैं। एमओयू संयुक्त शोध, प्रोटोटाइपिंग, नियंत्रित पायलट एवं फील्ड वैलिडेशन, विशेषज्ञ मार्गदर्शन, इंटर्नशिप, हैकाथॉन, कौशल विकास तथा संयुक्त आउटरीच के अवसर भी खोलता है। यह दृष्टिकोण तकनीक-केंद्रित नहीं, बल्कि समस्या-केंद्रित है।
डॉ. एन. वी. रमना राव, निदेशक, एनआईटी रायपुर एवं बोर्ड डायरेक्टर, NITRRFIE ने कहा: “इस साझेदारी की वास्तविक शक्ति वास्तविक स्वास्थ्य चुनौतियों को जिम्मेदार, प्रभावी एवं व्यापक रूप से लागू होने योग्य तकनीकी समाधानों में बदलने की हमारी क्षमता में है, और मुझे विश्वास है कि यह देश में शिक्षा–स्वास्थ्य–स्टार्टअप सहयोग का आदर्श मॉडल बनेगी।”
लेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदल (सेवानिवृत्त), कार्यपालक निदेशक एवं सीईओ, एम्स रायपुर ने कहा: “एम्स रायपुर इस सहयोग में अपनी चिकित्सकीय अंतर्दृष्टि एवं वास्तविक सत्यापन का योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस छत्तीसगढ़ की जनता के लिए बेहतर परिणाम, सुरक्षित उपचार एवं व्यापक पहुँच सुनिश्चित कर सके।”
एम्स रायपुर की ओर से लेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदल (से.नि.), कार्यपालक निदेशक; डॉ. डी. के. त्रिपाठी, प्रमुख, सृजन; डॉ. अभिरुचि गलहोत्रा, डीन (रिसर्च); डॉ. एली मोहपात्रा, डीन (एकेडमिक्स); डॉ. एकता खंडेलवाल, एसोसिएट डीन (रिसर्च); डॉ. नमन अग्रवाल, सदस्य सचिव, सृजन; डॉ. रोशन मैथ्यू, एआई नोडल, सृजन; एवं डॉ. पुष्पावती ठाकुर, प्रोफेसर, ओबीजी एवं सदस्य, सृजन उपस्थित रहे।
एनआईटी रायपुर की ओर से डॉ. एन. वी. रमना राव, निदेशक एवं बोर्ड डायरेक्टर, NITRRFIE; डॉ. अनुज कुमार शुक्ला, सहायक प्राध्यापक एवं फैकल्टी इंचार्ज, NITRRFIE; श्री पवन कटारिया, सहायक कुलसचिव एवं ऑफिसर इंचार्ज, NITRRFIE; तथा श्री सुनील देवांगन, इनक्यूबेशन मैनेजर, NITRRFIE उपस्थित रहे।
यह एमओयू पाँच वर्षों तक प्रभावी रहेगा।

