रायपुर/चंदखुरी: माता कौशल्या की पावन पुण्यधरा चंदखुरी से एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायी जनअभियान का भव्य शुभारंभ हुआ। सामाजिक समरसता, एकता और भाईचारे का संदेश लेकर इस ऐतिहासिक आयोजन के संयोजक कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब और गोविंद साहू के नेतृत्व में हजारों कांवड़ियों का विशाल जनसैलाब चंदखुरी से आरंग के लिए रवाना हुआ। तीन दिवसीय यह ‘सामाजिक सद्भाव विशाल कांवड़ यात्रा’ कुल 71 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए क्षेत्र के गांव-गांव पहुंचेगी और जन-जन में सामाजिक एकता की अलख जगाएगी।

“बोल रहा अब हिंदुस्तान, मनखे-मनखे एक समान”
‘मनखे-मनखे एक समान’ (सभी मनुष्य एक समान हैं) के पावन विचार और उद्घोष के साथ शुरू हुई यह यात्रा समाज में व्याप्त ऊंच-नीच, भेदभाव और वैमनस्य को मिटाने का एक बड़ा संकल्प है। कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब की विशेष मौजूदगी और मार्गदर्शन में हजारों कांवड़ियों के कदम इस विश्वास के साथ आगे बढ़ रहे हैं कि समाज के हर वर्ग और हर हृदय में प्रेम, आत्मीयता और अपनत्व का भाव स्थापित हो।

कांवड़ यात्रा के शुभारंभ अवसर पर कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब के साथ शासन-प्रशासन, सामाजिक संगठनों तथा राजनीतिक क्षेत्र के कई वरिष्ठ प्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। कार्यक्रम में मुख्य रूप से सुरेंद्र पाटनी (भाजपा जिला प्रभारी, रायपुर ग्रामीण), ध्रुव कुमार मिर्धा (अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ चर्म शिल्पकार विकास बोर्ड), विश्व विजय सिंह तोमर जी (अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग),राजीव लोचन दास महाराज (उपाध्यक्ष, छत्तीसगढ़ राज्य गौ सेवा आयोग), अंजय शुक्ला जी (उपाध्यक्ष, छत्तीसगढ़ आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधीय पादप बोर्ड), नवीन कुमार अग्रवाल (अध्यक्ष, जिला पंचायत) के अलावा विभिन्न समाजों के प्रमुख पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, भाजपा कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बने।
गांव-गांव पहुंचेगा समरसता का संदेश
यह यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन न होकर सामाजिक समरसता और बदलाव का एक सशक्त माध्यम है। 71 किलोमीटर के मार्ग में यात्रा जहां-जहां से गुजरेगी, वहां ग्रामीणों द्वारा कांवड़ियों का भव्य स्वागत किया जाएगा। आयोजकों और जनप्रतिनिधियों का मानना है कि इस प्रकार के आयोजनों से समाज के सभी वर्गों के बीच आपसी भाईचारा मजबूत होगा और छत्तीसगढ़ की ‘सद्भाव एवं समरसता’ की परंपरा को नई दिशा मिलेगी।




