आरंग : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से महज कुछ किलोमीटर की दूरी पर स्थित ऐतिहासिक और व्यापारिक नगरी आरंग आज विकास के दौर में उपेक्षा का शिकार बनी हुई है। क्षेत्रवासियों को मूलभूत परिवहन सुविधाओं—एक्सप्रेस ट्रेन, सिटी बस और लंबी दूरी की अंतर्राज्यीय बसों के प्रवेश—से पूरी तरह वंचित रखा गया है। त्योहारों और आम दिनों में यात्रियों को हो रही भारी असुविधा से स्थानीय जनता में भारी आक्रोश व्याप्त है।
राष्ट्रीय राजमार्ग 53 पर जान जोखिम में डालकर बस का इंतजार

सरायपाली और ओडिशा की ओर से आने-जाने वाली लंबी दूरी की बसों का आरंग शहर के भीतर प्रवेश बंद कर दिया गया है। इसके चलते यात्रियों को बस पकड़ने के लिए मुख्य बस स्टैंड से लगभग 2 किलोमीटर दूर नेशनल हाईवे 53 पर जाना पड़ता है। हाईवे पर यात्रियों के लिए प्रतीक्षालय (पैसेंजर शेड) तक की व्यवस्था नहीं है। कड़कती धूप और झमाझम बारिश में महिला, बच्चे और बुजुर्ग खुले आसमान के नीचे बस का इंतजार करने को मजबूर हैं। सवाल यह उठ रहा है कि जब महासमुंद की बसें शहर के अंदर आ सकती हैं, तो लंबी दूरी की बसों के प्रवेश पर पाबंदी क्यों..? स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ स्थानीय बस संचालकों के निजी स्वार्थ के कारण यह व्यवस्था सुधरने नहीं दी जा रही है।
ग्राम पंचायत में सिटी बस, लेकिन आरंग शहर वंचित
आरंग के नागरिक लंबे समय से रायपुर रेलवे स्टेशन और एम्स (AIIMS) के लिए सिटी बस सेवा की मांग कर रहे हैं। विडंबना यह है कि आरंग विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत भानसोज में तो सिटी बस की सुविधा उपलब्ध है, लेकिन आरंग शहर को इससे महरूम रखा गया है। इसके कारण मरीजों, छात्रों और दैनिक यात्रियों को महंगे निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है।
रेलवे की उपेक्षा: वंदे भारत गुजरती है, पर ठहराव एक भी एक्सप्रेस का नहीं

आरंग रेलवे स्टेशन की स्थिति और भी दयनीय है। यह स्टेशन दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के संबलपुर डिवीजन (ओडिशा) के अंतर्गत आता है, जिसके कारण लगातार इसकी उपेक्षा हो रही है। इस रूट से दुर्ग-विशाखापट्टनम वंदे भारत एक्सप्रेस और कोरबा-पुरी लिंक एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेनें गुजरती हैं, लेकिन आरंग में एक भी एक्सप्रेस ट्रेन का स्टॉपेज नहीं है। इस मार्ग पर कई छोटे-छोटे स्टेशनों पर ट्रेनों का ठहराव दिया गया है, पर आरंग जैसे बड़े व्यापारिक केंद्र को छोड़ दिया गया है।
जनता में बढ़ता आक्रोश
लंबी दूरी की रेल यात्रा के लिए आरंग क्षेत्र के निवासियों को रायपुर या महासमुंद रेलवे स्टेशन पर निर्भर रहना पड़ता है। जनप्रतिनिधियों से लगातार मांग और ज्ञापनों के बावजूद अब तक कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई है। आरंग के नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सिटी बस शुरू करने, लंबी दूरी की बसों को शहर में प्रवेश दिलाने और रेलवे स्टेशन पर एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव देने के लिए कदम नहीं उठाए गए, तो क्षेत्रवासी उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

