आरंग: भाई-बहन के अटूट प्रेम और पवित्र रिश्ते का प्रतीक रक्षाबंधन पर्व इस वर्ष बिना किसी भद्रा के व्यवधान के मनाया जाएगा। आरंग के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित अजीत कमलनारायण शर्मा ने पंचांगीय गणना के आधार पर बताया कि इस बार बहनों को राखी बांधने के लिए भद्रा समाप्त होने का लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
ज्योतिषाचार्य पं. अजीत कमलनारायण शर्मा ने पर्व के मुहूर्त की सटीक जानकारी देते हुए बताया कि श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त की प्रातः 9:09 बजे से शुरू होकर 28 अगस्त की प्रातः 9:49 बजे तक रहेगी।
पं. शर्मा के अनुसार, भद्राकाल 27 अगस्त को ही समाप्त हो जाएगा। अतः शास्त्रसम्मत और उदयातिथि के नियम अनुसार 28 अगस्त को ही रक्षाबंधन मनाना सर्वाधिक श्रेयस्कर और शुभ रहेगा। 28 अगस्त को पूर्णिमा का मूल तिथिकाल सूर्योदय प्रातः 5:44 बजे से प्रातः 9:49 बजे तक रहेगा।
पं. अजीत कमलनारायण शर्मा द्वारा बताए गए 28 अगस्त के प्रमुख मुहूर्त:
अमृत चौघड़िया: प्रातः 8:53 बजे से 10:28 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:38 बजे से 12:28 बजे तक
शुभ चौघड़िया: दोपहर 12:03 बजे से 1:38 बजे तक
राहुकाल (अशुभ समय): प्रातः 10:28 बजे से दोपहर 12:03 बजे तक (इस दौरान शुभ कार्य न करें)

