राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) रायपुर के कंप्यूटर एप्लीकेशंस विभाग द्वारा एम्बिएंट इंटेलिजेंस इन हेल्थ केयर (ICAIHC-2026) पर आयोजित दो दिवसीय चौथे अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ 18 सितंबर 2026 को हुआ। सम्मेलन में शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों, पेशेवरों और विद्यार्थियों ने भाग लिया तथा मशीन लर्निंग एवं इंटेलिजेंट कंप्यूटिंग और स्वास्थ्य सेवा सहित विभिन्न क्षेत्रों में उनके अनुप्रयोगों से संबंधित विचारों, नवाचारों एवं अनुभवों को साझा किया। समारोह का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं राष्ट्रगीत के साथ हुआ। इस अवसर पर डॉ. समीर बाजपेयी, निदेशक (प्रभारी), एनआईटी रायपुर; मुख्य अतिथि लेफ्टिनेंट जनरल (डॉ.) अशोक जिंदल, कार्यकारी निदेशक (सीईओ), एम्स रायपुर; विशिष्ट अतिथि डॉ. ओम प्रकाश व्यास, निदेशक, IIIT नया रायपुर; विशिष्ट अतिथि डॉ. जसजीत एस. सूरी, सीईओ एवं चेयरमैन, Atheropoint, कैलिफोर्निया, अमेरिका; डॉ. मिथिलेश अतुलकर, एनआईटी रायपुर; तथा डॉ तृप्ति स्वर्णकार, विभागाध्यक्ष, कंप्यूटर एप्लीकेशंस विभाग, एनआईटी रायपुर उपस्थित रहे। सम्मेलन का समन्वय एनआईटी रायपुर के डॉ. तृप्ति स्वर्णकार, डॉ. मिथिलेश अतुलकर, डॉ. दिबाकर साहा एवं डॉ. नईम अहमद द्वारा किया गया। औपचारिक उद्घाटन एवं अतिथियों के स्वागत के पश्चात डॉ. तृप्ति स्वर्णकार ने उपस्थित विशिष्ट अतिथियों, संकाय सदस्यों एवं विद्यार्थियों का स्वागत किया तथा पूरे कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। डॉ. मिथिलेश अतुलकर ने सम्मेलन का संक्षिप्त परिचय देते हुए 1,200 से अधिक शोध-पत्र प्राप्त होने, समीक्षकों की संख्या, मुख्य वक्ताओं तथा विशेष सत्रों सहित सम्मेलन से संबंधित प्रमुख जानकारी साझा की।
डॉ. ओम प्रकाश व्यास ने न्यूरल नेटवर्क, मशीन लर्निंग एवं डीप लर्निंग से लेकर LLMs और Agentic AI तक कृत्रिम बुद्धिमत्ता के विकास पर चर्चा की। उन्होंने स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की पहचान करने, व्यक्तियों की निगरानी करने तथा आवश्यकता पड़ने पर डॉक्टर की अपॉइंटमेंट निर्धारित करने में AI की संभावनाओं पर भी चर्चा की। डॉ. जसजीत एस. सूरी ने AI के विकास तथा मानव कल्याण में एम्बिएंट तकनीकों की भूमिका पर चर्चा करते हुए महिलाओं के स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले आंतरिक एवं बाहरी कारकों पर प्रकाश डाला।
सभा को संबोधित करते हुए डॉ. समीर बाजपेयी ने AI तकनीकों से जुड़ी व्यापक चुनौतियों पर चर्चा की और उनकी उच्च लागत तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए सीमित पहुंच पर जोर दिया। उन्होंने ऐसी तकनीकों को किफायती एवं सुलभ बनाने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि छत्तीसगढ़ के बस्तर जैसे दूरस्थ क्षेत्रों सहित समाज के सबसे वंचित वर्गों तक भी इनका लाभ पहुंच सके।
डॉ. अशोक जिंदल ने वर्तमान पीढ़ी की तकनीकी जागरूकता की सराहना करते हुए व्यापक क्लिनिकल डेटा को विदेशी संस्थानों के बजाय एनआईटी रायपुर सहित भारतीय इंजीनियरिंग संस्थानों के साथ साझा करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार का सहयोग ‘मेक इन इंडिया’ पहल के अंतर्गत संवेदनशील, विश्वसनीय एवं किफायती चिकित्सा उपकरणों के विकास में सहायक हो सकता है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को लाभ मिलेगा। साथ ही उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि स्वास्थ्य सेवाओं में डॉक्टर का व्यक्तिगत स्पर्श हमेशा महत्वपूर्ण बना रहना चाहिए।
औपचारिक उद्घाटन समारोह का समापन ICAIHC-2026 के कॉन्फ्रेंस स्मारिका (Souvenir) के विमोचन के साथ हुआ। इसके पश्चात डॉ. नईम अहमद ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया और राष्ट्रगान के साथ उद्घाटन समारोह संपन्न हुआ।

