शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर इस वर्ष छत्तीसगढ़ के आरंग में एक अत्यंत भव्य और अलौकिक आयोजन देखने को मिल रहा है। नवदुर्गा उत्सव समिति, कॉलेज चौक आरंग द्वारा इस बार कुछ ऐसा अनूठा सृजन किया गया है, जो पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। आरंग में यह इकलौता ऐसा प्रमुख पंडाल है, जहाँ माँ दुर्गा एक साथ 21 विभिन्न स्वरूपों में विराजमान होकर अपने भक्तों को आशीर्वाद दे रही हैं।
समिति के प्रमुख राजू और मोनू कंडरा ने जानकारी देते हुए बताया कि उनकी समिति पिछले 18 वर्षों से लगातार कॉलेज चौक पर माँ दुर्गा की प्रतिमा की स्थापना करती आ रही है। इस परंपरा को आगे बढ़ाते हुए, पूर्व में लगातार 6 वर्षों तक माँ के 9 रूपों (नवदुर्गा) की झांकी सजाई जाती थी। लेकिन इस वर्ष आयोजन को और अधिक दिव्य और विराट बनाते हुए माँ दुर्गा के 21 अलौकिक स्वरूपों की एक साथ स्थापना की गई है।
21 माताओं के दिव्य दर्शन: एक ही पंडाल में माँ दुर्गा के 21 अलग-अलग रूपों के दर्शन करना श्रद्धालुओं के लिए एक दुर्लभ और आध्यात्मिक अनुभव है।
बजरंगबली हनुमान जी की उपस्थिति: इन 21 पावन स्वरूपों के साथ संकटमोचन बजरंगबली हनुमान जी की प्रतिमा भी विशेष रूप से विराजमान है, जो इस झांकी की भव्यता को और बढ़ा रही है और भक्तों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
आरंग के कॉलेज चौक पर सजी इस ऐतिहासिक और भव्य झांकी के दर्शन के लिए न केवल आरंग शहर, बल्कि आसपास के तमाम ग्रामीण क्षेत्रों से भी भारी संख्या में श्रद्धालु पहुँच रहे हैं।
संध्याकालीन महाआरती के दौरान पूरा कॉलेज चौक “या देवी सर्वभूतेषु…” और माता के जयकारों से गूंज उठता है। समिति द्वारा पंडाल में आने वाले सभी श्रद्धालुओं की सुविधा, सुगम दर्शन और सुरक्षा के लिए बेहतरीन और चाक-चौबंद इंतजाम किए गए हैं, जिससे भक्त पूरी श्रद्धा और उल्लास के साथ माता के दरबार में हाजिरी लगा रहे हैं।

