आरंग से महज 03 किमी दूर स्थित ग्राम पंचायत कलई स्थित ऐतिहासिक गौरा तालाब मंदिर में असामाजिक तत्वों द्वारा भगवान श्री शनिदेव जी की मूर्ति को खंडित कर चोरी किए जाने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस निंदनीय घटना के बाद से ग्रामीणों और सनातन धर्म के अनुयायियों की धार्मिक भावनाएं बुरी तरह आहत हुई हैं तथा संपूर्ण क्षेत्र में गहरा आक्रोश और दुख का माहौल है।
कानूनी अपराध के साथ आस्था पर प्रहार
धार्मिक स्थल से भगवान की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त कर चोरी करना केवल एक संगीन कानूनी अपराध ही नहीं, बल्कि यह पूरे समाज की जनआस्था पर सीधा प्रहार है। ग्रामीणों का कहना है कि भगवान शनिदेव न्याय के देवता हैं, और वे दोषियों को उनके कृत्य की सजा अवश्य देंगे, लेकिन इसके साथ ही प्रशासन को भी इस मामले में कड़ा कदम उठाना चाहिए।
आरंग थाने में शिकायत दर्ज
घटना की जानकारी मिलते ही सरपंच ओमप्रकाश लोधी, राजकुमार लोधी और ग्राम कोटवार ने आरंग थाना पहुंचकर मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई है। ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई की जाए, चोरों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और मंदिर में नई प्रतिमा की सम्मानपूर्वक स्थापना में सहयोग किया जाए।
पुलिस ने ग्रामीणों की शिकायत पर जांच शुरू कर दी है और जल्द ही आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजने का आश्वासन दिया है।

