खनिज विभाग की छापेमारी और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) की सख्त रोक के बावजूद आरंग क्षेत्र के कुरूद स्थित महानदी तट पर रेत का काला कारोबार रुकने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार देर रात खनिज विभाग की टीम के दबिश देकर लौटते ही, रविवार शाम ढलते ही माफिया और ग्रामीण एक बार फिर बेखौफ होकर नदी के सीने से रेत निकालने में जुट गए हैं। वर्तमान में दर्जनों ट्रैक्टर और भारी मशीनें महानदी के भीतर अवैध उत्खनन में लगी हुई हैं।
शनिवार देर रात पहुंची थी टीम, सूचना मिलते ही भागे थे आरोपी
खबर उजागर होने के बाद शनिवार देर रात खनिज विभाग की टीम अचानक कुरूद रेत खदान पहुंची थी। हालांकि, प्रशासनिक टीम के पहुंचने की भनक लगते ही अवैध उत्खनन में शामिल ग्रामीण और वाहन चालक अंधेरे का फायदा उठाकर वाहनों समेत मौके से भाग खड़े हुए थे। लेकिन प्रशासन की यह कार्रवाई महज खानापूर्ति साबित हुई, क्योंकि टीम के वापस जाते ही अगले ही दिन शाम होते ही फिर से वही अवैध खेल शुरू हो गया।http://*THE आरंग POST EXCLUSIVE :आरंग के कुरूद रेत खदान में रात के अंधेरे में बेखौफ अवैध उत्खनन….NGT के नियमों की उड़ाई जा रही धज्जियां..!!!* https://www.thearangpost.in/2026/10/03/brazen-illegal-sand-mining-under-the-cover-of-darkness-at-the-kurud-sand-mine-in-arang/
जनसुनवाई में विरोध, फिर भी रात में बेधड़क खनन
गौरतलब है कि हाल ही में कुरूद रेत खदान के संचालन को लेकर आयोजित प्रशासनिक जनसुनवाई में स्थानीय ग्रामीणों ने पर्यावरण क्षति और सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया था। इसके बावजूद, स्थानीय संलिप्तता और रेत माफियाओं की जुगलबंदी से नियम-कायदों को ताक पर रखकर उत्खनन जारी है। संकरे रास्तों पर तेज रफ्तार दौड़ते भारी वाहनों से क्षेत्र में किसी भीषण सड़क दुर्घटना की गंभीर आशंका बनी हुई है।
इस तरह चल रहा अवैध खनन का कारोबार
स्थानीय ट्रैक्टरों का उपयोग: नदी के भीतर से रेत निकालकर तट के पास एक जगह डंप करने के लिए स्थानीय ग्रामीणों के ट्रैक्टरों को लगाया गया है।
जेसीबी और हाइवा का सिंडिकेट: डंप की गई रेत को 2 जेसीबी मशीनों के जरिए तेज़ी से भारी-भरकम हाइवा वाहनों में लोड किया जाता है।
15,000 रुपये प्रति हाइवा रेट: सूत्रों के अनुसार, प्रति हाइवा रेत लोडिंग के बदले लगभग 15,000 रुपये की वसूली की जा रही है।
अंतरजिला सप्लाई नेटवर्क: कुरूद की बारीक रेत की रायपुर, बेमेतरा, कवर्धा समेत राज्य के कई दूर-दराज जिलों में भारी मांग है, जिसके चलते रात भर सप्लाई चेन सक्रिय रहती है।
सरकारी राजस्व को लाखों का चूना, तंत्र पर उठे सवाल
NGT के स्पष्ट आदेशों की धज्जियां उड़ाकर चलाए जा रहे इस अवैध कारोबार से शासन को प्रतिदिन लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। शनिवार रात की कार्रवाई के बाद अगले ही दिन फिर से बेखौफ खनन शुरू होना यह दर्शाता है कि अवैध खननकर्ताओं में न तो पुलिस का खौफ है और न ही खनिज विभाग का।अब देखना यह होगा कि शनिवार को अधूरी छूटी कार्रवाई के बाद क्या खनिज विभाग इस संगठित सिंडिकेट पर कोई कड़ा व स्थायी दंडात्मक रुख अपनाते हैं, या महानदी का अस्तित्व यूं ही दांव पर लगा रहेगा।

