आरंग : छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक नगरी आरंग के रविदास नगर में शिरोमणि श्री गुरु रविदास विश्व महापीठ छत्तीसगढ़ की एक दिवसीय प्रदेश स्तरीय कार्यकारिणी बैठक सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस बैठक में प्रदेशभर से समाज के सैकड़ों गणमान्य लोग और प्रतिनिधि सम्मिलित हुए। शिरोमणि महापीठ एक अंतरराष्ट्रीय संस्था है, जिसका मुख्य उद्देश्य विश्व के सभी रविदास समाजों को जोड़ना, “भारत जोड़ो, सनातन जोड़ो, धर्मांतरण छोड़ो”, संत गुरु रविदास जी की वाणी को जन-जन तक पहुंचाना तथा सामाजिक समरसता एवं समानता का वातावरण निर्मित करना है।
राष्ट्रीय नेतृत्व की गरिमामयी उपस्थिति

बैठक में समाज के मनोबल को बढ़ाने और राष्ट्रीय स्तर पर एकजुटता का संदेश देने के लिए राष्ट्रीय संगठन महामंत्री एवं भाजपा राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष (अजा मोर्चा) सूरज कैरो विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने समाज को संबोधित करते हुए संगठन की मजबूती और राष्ट्रीय स्तर पर एकबद्ध होकर आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।
सामाजिक समरसता और अहंकार त्याग पर बल

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रदेश अध्यक्ष और छग चर्म शिल्पकार विकास बोर्ड अध्यक्ष ध्रुव कुमार मिर्धा जी ने सामाजिक समरसता पर विशेष जोर दिया। मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सह प्रांत प्रचारक माननीय नारायण नामदेव जी ने रविदास समाज की सरलता और राष्ट्र के प्रति उनके समर्पण की सराहना की। उन्होंने संत रविदास जी के प्रसिद्ध भजन “प्रभु जी तुम चंदन हम पानी” की महत्ता बताते हुए समाज को अहंकार त्यागने का संदेश दिया।
विशिष्ट अतिथि कैबिनेट मंत्री (राजस्व) टंक राम वर्मा जी ने संत रविदास जी की अमर वाणी “मन चंगा तो कठौती में गंगा” का स्मरण कराते हुए समाज को संगठित और एकजुट रहने का आह्वान किया।
धर्म परिवर्तन के खिलाफ ओजस्वी वक्तव्य
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब के ओजस्वी और तार्किक भाषण ने उपस्थित जनसमूह को अत्यधिक प्रभावित किया। उनके वक्तव्य के दौरान सभास्थल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। “मनखे-मनखे एक समान” के संदेश को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि यह नारा सामाजिक समरसता की मूल नींव है। धर्मांतरण के मुद्दे पर कड़ा प्रहार करते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि “हमारा अनुसूचित जाति समाज मुगलों और अंग्रेजों के शासनकाल में अत्यधिक पीड़ा और कष्ट सहने के बाद भी अपने धर्म पर अडिग रहा और धर्मांतरण नहीं किया। आज आजाद भारत में हो रहा धर्मांतरण देश को खंडित करने वालों की एक सोची-समझी साजिश है। जो ताकतें हिंदू समाज को एकजुट होकर सामाजिक बुराइयों को मिटाने से रोकना चाहती हैं, उनके ये मंसूबे कभी सफल नहीं होंगे।”
वरिष्ठजनों एवं अतिथियों की उपस्थिति

कार्यक्रम में समाज के वरिष्ठ महंत के. आर. पैगवार, दुखु राम हटीले, बालाराम, सर्व रविदास समाज के प्रदेश अध्यक्ष विजय मेहरा, छ.ग. प्रदेश उपाध्यक्ष (अजा मोर्चा) कुंवर खेमराज बाकरे, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती राधा रवि, जिला पंचायत सदस्य लोकनाथ बारी, बुद्धेश्वर सोनवानी, खेलावन मेहरा, परमानंद कंदोई, देवेंद्र रोतिया, तोरण घृतलहरे, राजू मिर्धा, काशीराम पनागर, नंदलाल सोनवानी, राजेंद्र रात्रे, छबिलो सोनवानी, संध्या चौधरी, हेमलता मिरी,अनीता मेहर, पदमनी बांधे, चंद्रशेखर खरे, रमेश सोनवानी, दुतिया अजगर, मोहन मिरी, वैद्यनाथ मेहरा, वैदराज मेहरा, टिकेश्वर सोनवानी, ओमप्रकाश मिर्धा, रामू मिर्धा, जीवन लाल बांधे, मनकू राम रात्रे, अगिन बाई डहरिया और सुशील कंदोई सहित सैकड़ों सामाजिक बंधु उपस्थित रहे।

