नगर पालिका परिषद आरंग के रहवासी इन दिनों भीषण जल संकट का सामना कर रहे हैं। पिछले एक महीने से पूरे नगर में पीने के पानी की भारी किल्लत बनी हुई है। वजह है फिल्टर प्लांट में लगी मशीनों और पंप मोटर का लगातार खराब होना। आलम यह है कि करोड़ों रुपये खर्च कर तैयार की गई योजनाएं धरी की धरी रह गई हैं और नगर की जनता पानी की एक-एक बूंद के लिए तरसने को मजबूर है।
रिजर्व मशीनों का अभाव, एक मोटर खराब होते ही ठप होती है सप्लाई

नगर पालिका प्रशासन की लापरवाही का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उनके पास फिल्टर प्लांट के लिए कोई रिजर्व (अतिरिक्त) मशीन या स्पेयर पार्ट्स मौजूद नहीं हैं। फिल्टर प्लांट का एक भी पंप मोटर या मशीन खराब होती है, तो पूरे नगर में पानी की सप्लाई तुरंत ठप हो जाती है। मरम्मत में लगने वाले हफ्तों के समय के दौरान पानी की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा जाती है। वर्तमान में पालिका द्वारा कुछ वार्डों में टैंकरों के माध्यम से जल आपूर्ति की जा रही है, जो नगर की विशाल आबादी के लिए नाकाफी साबित हो रही है।
बारिश के दिनों में यह हाल, तो गर्मी में क्या होगा.?

नगरवासियों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश और चिंता है कि जब बारिश के मौसम में, जब नदियाँ और जल स्रोत लबालब हैं, तब नगर को इस तरह की जल किल्लत झेलनी पड़ रही है; तो आने वाले भीषण गर्मी के दिनों में आरंग का क्या हाल होगा? करोड़ों रुपये के बजट और संधारण (मेंटेनेंस) के दावों के बावजूद नगर पालिका जल आपूर्ति की बुनियादी व्यवस्था को सुचारू रखने में पूरी तरह विफल साबित हो रही है।
शक्ति नाला पंप हाउस सालों से बंद, सिर्फ एक प्लांट के भरोसे पूरा नगर
उल्लेखनीय है कि पूर्व में आरंग नगर में पानी की निर्बाध सप्लाई के लिए शक्ति नाला स्थित पंप हाउस का उपयोग किया जाता था, जो किसी भी आपात स्थिति में बैकअप का काम करता था। लेकिन प्रशासनिक अनदेखी के कारण यह पंप हाउस पिछले कई सालों से बंद और बदहाल पड़ा हुआ है। वर्तमान में पूरा आरंग शहर केवल एक ही फिल्टर प्लांट पर निर्भर है। यदि शक्ति नाला पंप हाउस को दोबारा शुरू कर दिया जाए, तो नगर को इस तरह के जल संकट से स्थाई राहत मिल सकती है।
जनता में आक्रोश, उठ रही स्थाई समाधान की मांग
पानी के लिए सुबह से शाम तक जद्दोजहद कर रहे आरंग के नागरिकों का कहना है कि करदाताओं के करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी उन्हें बुनियादी सुविधा के लिए तरसना पड़ रहा है। नगरवासियों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि:
फिल्टर प्लांट की खराब मशीनों की तत्काल मरम्मत कराई जाए और रिजर्व में नई मशीनें रखी जाएं।
बंद पड़े शक्ति नाला पंप हाउस को अविलंब पुनर्जीवित (री-स्टार्ट) किया जाए।
टैंकरों की संख्या बढ़ाकर सभी प्रभावित वार्डों में पर्याप्त जल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
यदि समय रहते पालिका प्रशासन ने कोई ठोस और स्थाई कदम नहीं उठाया, तो आने वाले दिनों में नगरवासियों का आक्रोश जन-आंदोलन का रूप ले सकता है।

