आरंग: सरकारी तंत्र को चूना लगाकर अवैध शराब तस्करी करने वाले एक बड़े नेटवर्क का आरंग पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। हैरान कर देने वाले इस मामले में शराब दुकान के सुपरवाइजर, सेल्समैन और मल्टी-वर्कर के साथ ही अमोदी में पदस्थ शासकीय शिक्षक व संकुल समन्वयक तिरीत राम बांधे भी तस्करी के इस काले कारोबार में शामिल पाए गए हैं।

एसएसपी रायपुर, एएसपी एवं डीएसपी माना के निर्देश पर थाना प्रभारी आरंग निरीक्षक नरेश साहू के नेतृत्व में गश्त पर निकली पुलिस टीम को मुखबिर से सटीक सूचना मिली कि सफेद रंग की लग्जरी आर्टिका कार (CG 04 QB 5200) में ग्राम गुल्लू शराब भट्ठी से भारी मात्रा में अवैध शराब भरकर रानीसागर की ओर ले जाई जा रही है।

हनुमान मंदिर के पास घेराबंदी कर दबोचा

सूचना मिलते ही सउनि अनिल चंद्रवंशी, प्रशिक्षु उपनिरीक्षक सुरेश बंधन, आरक्षक नियाज खान और सैनिक दुर्गेश चंद्राकर की टीम ने रानीसागर हनुमान मंदिर के पास घेराबंदी कर कार को रोका। कार की तलाशी लेने पर 160 नग पाव देशी मसाला शराब (कुल 28.800 बल्क लीटर, कीमत ₹16,000) बरामद हुई। पुलिस ने तस्करी में प्रयुक्त 8 लाख रुपये की कार सहित कुल ₹8,16,000 का सामान जब्त किया है।

आरोपियों की सूची:

तिरीत राम बांधे (45 वर्ष): निवासी परसवानी, ग्राम अमोदी में शिक्षक एवं संकुल समन्वयक

 उबारन दास पुरेना (34 वर्ष): निवासी गुल्लू, शराब दुकान सुपरवाइजर

 राजेश काटले (31 वर्ष): निवासी कोडापार, शराब दुकान सेल्समैन

  सुरेश बांधे (36 वर्ष): निवासी परसवानी, शराब दुकान मल्टी वर्कर

 भरत रात्रे (38 वर्ष): निवासी परसवानी, वाहन चालक

 दिलीप कुमार कुर्रे (50 वर्ष): निवासी अमोदी

  भागवत बारले (38 वर्ष): निवासी अमोदी

आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज

थाना प्रभारी नरेश साहू ने बताया कि सरकारी शराब दुकान के कर्मचारी खुद कोचियों की भूमिका निभा रहे थे, जिसमें संकुल समन्वयक शिक्षक की संलिप्तता ने शिक्षा विभाग को भी कटघरे में खड़ा कर दिया है। सभी 7 आरोपियों के खिलाफ आबकारी एक्ट की धारा 34(2) के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। नेटवर्क से जुड़े अन्य चेहरों का पता लगाने जांच जारी है।

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