रायपुर: राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) रायपुर के ‘फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप’ (NITRRFIE) ने एक महत्वपूर्ण संस्थागत उपलब्धि हासिल की है। भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान विभाग (DSIR) द्वारा NITRRFIE को औपचारिक रूप से वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान संगठन (SIRO) की प्रतिष्ठित मान्यता प्रदान की गई है।
यह मान्यता SIROs की मान्यता संबंधी योजना, 1988 के तहत दी गई है। इसके लिए 30 जुलाई 2026 को पत्र जारी किया गया, जो 27 जुलाई 2026 से 31 मार्च 2029 तक की अवधि के लिए वैध है।

प्रमुख लाभ एवं प्रभाव
कर रियायतें एवं वित्तीय लाभ: R&D (अनुसंधान एवं विकास) कार्यों के लिए खरीदे जाने वाले उपकरणों, यंत्रों और उपभोग्य सामग्रियों पर सीमा शुल्क (Customs Duty) एवं अन्य करों में विशेष छूट मिलेगी।
सरकारी योजनाओं तक सुगम पहुंच: केंद्र सरकार और DSIR द्वारा समर्थित विभिन्न अनुसंधान एवं नवाचार योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
स्टार्टअप्स के लिए बेहतर माहौल: इन्क्यूबेटेड स्टार्टअप्स को एक मजबूत संस्थागत अनुसंधान आधार, सहयोगात्मक प्रोजेक्ट्स, टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और नवाचारों के व्यावसायीकरण में उन्नत सहयोग मिलेगा।
उद्योगों से जुड़ाव और विश्वसनीयता: उद्योग भागीदारों, निवेशकों और फंडिंग एजेंसियों के साथ संवाद और सहयोग में NITRRFIE की विश्वसनीयता और मजबूत होगी।
नियम एवं उत्तरदायित्व
मान्यता के तहत NITRRFIE को DSIR के दिशानिर्देशों के अनुसार कार्य करना होगा:
R&D गतिविधियों के लिए पृथक लेखा (Separate Accounts) बनाए रखना होगा।
अनुसंधान उपलब्धियों, प्रकाशनों, पेटेंट, विकसित प्रक्रियाओं और नए उत्पादों की नियमित रिपोर्टिंग करनी होगी।
“एनआईटी रायपुर फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप को SIRO के रूप में मिली यह मान्यता हमारे अनुसंधान एवं नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे वैज्ञानिक अनुसंधान, प्रौद्योगिकी विकास और उद्यमिता को बढ़ावा देने तथा नवीन विचारों को सार्थक परिणामों में बदलने के हमारे प्रयासों को बल मिलेगा।”
डॉ. अनुज शुक्ला, फैकल्टी इन-चार्ज, NITRRFIE
यह मान्यता एनआईटी रायपुर की उस प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जो शैक्षणिक अनुसंधान को व्यावहारिक नवाचार, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और उद्यमिता से जोड़कर छत्तीसगढ़ और देश के समग्र विकास में योगदान दे रही है।

