गांधी इंग्लिश मीडियम हायर सेकेंडरी स्कूल, आरंग में राष्ट्रीय हिंदी दिवस की पूर्व संध्या एवं स्वामी विवेकानंद के ऐतिहासिक ‘विश्व दिग्विजय दिवस’ (11 सितंबर) के अवसर पर एक विशेष काव्य पाठ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह पूरा गरिमामय आयोजन विद्यालय के संस्थापक, हिंदी-संस्कृत के प्रकांड विद्वान एवं प्रसिद्ध साहित्य प्रेमी स्व. पंडित दीनानाथ जी की पावन स्मृति को समर्पित रहा।

संस्थापक पं. दीनानाथ जी की स्मृति में “कविता की पाठशाला” का शुभारंभ

 

विद्यालय के संस्थापक स्व. पं. दीनानाथ जी स्वयं हिंदी और संस्कृत भाषा के लब्धप्रतिष्ठ कवि और अनन्य साहित्य प्रेमी थे। उन्होंने आरंग क्षेत्र में शिक्षा और साहित्य के प्रचार-प्रसार में अपना अमूल्य योगदान दिया।उनकी इसी गौरवशाली साहित्यिक विरासत को आगे बढ़ाने और क्षेत्र की नई पीढ़ी में सृजनात्मक क्षमता को निखारने के उद्देश्य से विद्यालय प्रबंधन द्वारा इस अवसर पर “कविता की पाठशाला” का भव्य शुभारंभ किया गया।

“कविता की पाठशाला” की प्रमुख विशेषताएं:

 क्षेत्रीय बाल कवियों को मार्गदर्शन: इस पहल के तहत केवल गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूल ही नहीं, बल्कि आरंग क्षेत्र के विभिन्न स्कूलों के बाल कवियों और नवोदित प्रतिभाओं को कविता रचना, छंद-विधान, साहित्यिक सृजन एवं लेखन का नि:शुल्क मार्गदर्शन दिया जाएगा।

 प्रतिभा संवर्धन: बच्चों की कल्पनाशक्ति, भाषा शैली और साहित्य के प्रति अभिरुचि को तराशने के लिए समय-समय पर कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी।

 साहित्यिक परंपरा का विस्तार: पं. दीनानाथ जी के विचारों के अनुरूप आरंग क्षेत्र में बाल साहित्य और रचनात्मक लेखन को एक नई पहचान दिलाने का संकल्प लिया गया है।

11 बाल कवियों ने स्वरचित कविताओं से बांधा समां

कार्यक्रम में विद्यालय के 11 विद्यार्थियों ने अपनी स्वरचित कविताओं की मंत्रमुग्ध कर देने वाली प्रस्तुतियां दीं:

कनिका वर्मा (कक्षा 12वीं): महाभारत के अर्जुन-कृष्ण संवाद पर आधारित ओजस्वी कविता प्रस्तुत कर काव्य पाठ का शुभारंभ किया।

रिदा फातिमा (कक्षा 11वीं): माता-पिता के प्रति अगाध प्रेम और सम्मान को दर्शाती मार्मिक कविता पेश की।

अन्य बाल कवि: कान्हा अग्रवाल (12वीं), रितेश पाल (11वीं), चहक (11वीं), भावेश साहू (10वीं), हर्षिता सिंह (11वीं), नितिज्ञ शर्मा (11वीं), भूमिका कुर्रे (11वीं), चंचल यादव (9वीं) एवं प्रज्ञा साहू (9वीं) ने अपनी-अपनी कविताओं के माध्यम से उपस्थित शिक्षकों व सहपाठियों की भूरि-भूरि प्रशंसा प्राप्त की।

स्वामी विवेकानंद के विचारों का स्मरण

काव्य पाठ के साथ-साथ 11 सितंबर 1893 को शिकागो की विश्व धर्म महासभा में स्वामी विवेकानंद द्वारा भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए दिए गए ऐतिहासिक संबोधन (‘विश्व दिग्विजय दिवस’) को भी याद किया गया। विद्यार्थियों को स्वामी जी के ओजस्वी विचारों और भारतीय संस्कृति के गौरव से अवगत कराया गया।

कार्यक्रम में विद्यालय के डायरेक्टर यशवंत चतुर्वेदी,प्राचार्य हरेश कुमार दास, प्रधान पाठक उमर खान, हिंदी शिक्षिकाएं सावित्री चंद्राकर व सुकांती अग्रवाल एवं अजीत शर्मा प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम का कुशल संयोजन एवं मंच संचालन वरिष्ठ शिक्षक गुलाब ठाकुर द्वारा किया गया।

विद्यालय प्रबंधन ने पं. दीनानाथ जी के दिखाए मार्ग पर चलते हुए “कविता की पाठशाला” के माध्यम से आरंग क्षेत्र में बाल साहित्य की एक सशक्त और नई रचनात्मक परंपरा स्थापित करने का दृढ़ संकल्प दोहराया।

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