आरंग: प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के अमर ज्योति भवन, गुढ़ियारी पारा आरंग में शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य में ‘मूल्य आधारित शिक्षा’ विषय पर एक गरिमामय सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर समाज निर्माण में उत्कृष्ट योगदान देने वाले 75 सेवानिवृत्त एवं सेवारत शिक्षकों तथा स्थानीय पत्रकारों को शाल, श्रीफल, लेखनी, ज्ञान पुस्तक और गुलाब पुष्प भेंट कर सम्मानित किया गया।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और ध्यान-योग की अनुभूति

कार्यक्रम का शुभारंभ मधुर योग भजनों के साथ हुआ। तत्पश्चात बच्चों ने सुरुचिपूर्ण सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर नैतिक शिक्षा का सशक्त संदेश दिया। केंद्र संचालिका बीके पिंकी बहन ने उपस्थित जनसमूह को ध्यान-योग का अभ्यास कराकर आत्मिक शांति का अनुभव कराया।
शिक्षकों में आत्मिक शक्तियों का समावेश आवश्यक: बीके नमिता
हिरमी से पधारीं बीके नमिता बहन ने शिक्षकों को प्रेरित करते हुए कहा कि हमारा बाह्य परिचय सीमित है, वास्तव में हम सभी दिव्य आत्माएं हैं। बच्चों में बेहतर संस्कार और नैतिक मूल्य रोपने के लिए शिक्षकों को स्वयं राजयोग, एकाग्रता, संयम और अनुशासन जैसी आत्मिक शक्तियों को जीवन में धारण करना होगा।
अतिथियों एवं वक्ताओं के विचार
ध्रुव शुक्ला (मुख्य अतिथि, संचालक – मदर्स प्राइड स्कूल): उन्होंने वैदिक श्लोकों का संदर्भ देते हुए कहा कि संकल्प शक्ति को सुदृढ़ करने के लिए ध्यान और योग जीवन की अनिवार्य आवश्यकता है।
हरीश दीवान (अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन): कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने कहा कि आधुनिक दौर में नई पीढ़ी को सही दिशा दिखाने के लिए शिक्षकों को निरंतर अपडेट रहना होगा और बच्चों में भारतीय संस्कृति के बीज बोने होंगे। उन्होंने ब्रह्माकुमारी संस्थान के प्रयासों की सराहना की।
अन्य वक्ता: सभा को सहायक शिक्षक फेडरेशन के अध्यक्ष धरम दास पाटिल, गांधी स्कूल के प्राचार्य हरेश कुमार दास तथा व्याख्याता मितांजली महंती ने भी संबोधित किया।
काव्य पाठ और नशा मुक्ति का संकल्प: मंच संचालन कर रहे शिक्षक अरविंद वैष्णव ने ‘ज्योतिबिंदु परमात्मा को जानें’ कविता के जरिए आत्मिक जागृति का आह्वान किया। व्याख्याता कवि हरमन बघेल ने ओजस्वी काव्य पाठ कर भारत रत्न डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को नमन किया। समारोह के दौरान उपस्थित सभी लोगों को नशा मुक्ति का संकल्प भी दिलाया गया।
प्रमुख सम्मानित शिक्षक
सम्मानित होने वाले 75 शिक्षकों में मुख्य रूप से छत्रधर दीवान, उमेंद्र चंद्राकर, होरीलाल पटेल, डोमन डहरिया, युवराम साहू, मनोज शर्मा, युवराज मिश्रा, कमलेश टंडन, अभिषेक तिवारी, गिरिजा शंकर अग्रवाल, रामनारायण कन्नौजे एवं के.के. साहू शामिल रहे।
आभार एवं योगदान
कार्यक्रम के अंत में संचालिका बीके लता बहन ने सभी का आभार व्यक्त किया। इस आयोजन को सफल बनाने में मोहन साहू, गणेश साहू, ईश्वर साहू, जयशंकर यादव, अरविंद वैष्णव सहित संस्थान की माताओं और बहनों का सराहनीय योगदान रहा।

