छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और बोल-चाल की भाषा को सिनेमा के पर्दे पर एक नया मुकाम मिलने जा रहा है। रविदास समाज के प्रतिभावान युवाओं ने मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के जीवन-दर्शन पर आधारित एक विशेष छत्तीसगढ़ी रामायण फिल्म का निर्माण किया है। इस फिल्म का भव्य प्रदर्शन आगामी 25 सितंबर को राजधानी रायपुर स्थित जोरा मॉल में आयोजित किया जाएगा।

फिल्म के औपचारिक विमोचन समारोह को लेकर तैयारियों का दौर शुरू हो गया है। इसी कड़ी में 16 सितंबर को फिल्म के निर्माता, निर्देशक और कलाकारों के एक प्रतिनिधिमंडल ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से सौजन्य मुलाकात की। चर्म शिल्पकार विकास बोर्ड के अध्यक्ष ध्रुव मिर्धा के नेतृत्व में पहुंचे इस प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को 25 सितंबर को आयोजित होने वाले विशेष स्क्रीनिंग में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का ससम्मान निमंत्रण दिया।
पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के जरिए दिखाई फिल्म की झलकियां
मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को एक विशेष पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन (PPT) के माध्यम से फिल्म के निर्माण, उसकी पटकथा, पात्रों और संगीतमय पहलुओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी। फिल्म की झलकियों और युवाओं के इस अनूठे प्रयास को देखकर मुख्यमंत्री ने पूरी टीम की सराहना की और फिल्म की सफलता के लिए अग्रिम शुभकामनाएं दीं।
स्थानीय युवाओं का सराहनीय प्रयास
रविदास समाज के युवाओं द्वारा निर्मित यह फिल्म छत्तीसगढ़ी सिनेमा के इतिहास में एक अनूठी पहल मानी जा रही है। भगवान राम का छत्तीसगढ़ (दक्षिण कौशल) से भांचा (भांजा) के रूप में गहरा नाता रहा है। ऐसे में क्षेत्रीय भाषा में रामायण की कथा को बड़े पर्दे पर लाना न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि इससे स्थानीय प्रतिभाओं को भी एक बड़ा मंच मिला है।
फिल्म की टीम ने बताया कि इस सिनेमा के जरिए राज्य की नई पीढ़ी को भगवान राम के आदर्शों से जोड़ने और छत्तीसगढ़ी बोली के संवर्धन का प्रयास किया गया है। 25 सितंबर को होने वाले इस विमोचन समारोह में शासन-प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारियों, गणमान्य नागरिकों और कला जगत से जुड़ी हस्तियों के शामिल होने की संभावना है।

