बद्री प्रसाद लोधी स्नातकोत्तर शासकीय महाविद्यालय, आरंग में आगामी 23 सितम्बर 2026 को आयोजित होने वाले ‘दीक्षारंभ एवं लोकार्पण कार्यक्रम’ के आमंत्रण पत्र को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। महाविद्यालय प्रशासन द्वारा छापे गए निमंत्रण कार्ड में दानदात्री प्रतिनिधि एवं स्व.बद्रीप्रसाद लोधी जी की धर्मपत्नी श्रीमती दुकलहीन बाई लोधी का नाम शामिल न किए जाने पर लोधी समाज ने कड़ा विरोध जताया है। समाज के प्रतिनिधियों का आरोप है कि महाविद्यालय प्रशासन द्वारा बार-बार लोधी समाज और दानदाताओं की उपेक्षा की जा रही है।
पूर्व की परंपरा को नजरअंदाज करने का आरोप
लोधी समाज के पदाधिकारियों का कहना है कि पूर्व में महाविद्यालय के हर छोटे-बड़े आधिकारिक कार्यक्रम के आमंत्रण पत्र में दानदात्री प्रतिनिधि दुकलहीन बाई लोधी का नाम ससम्मान मुद्रित किया जाता था। लेकिन इस बार आयोजित हो रहे इतने बड़े ‘दीक्षारंभ एवं लोकार्पण कार्यक्रम’ के कार्ड से उनका नाम गायब है। समाज का मानना है कि जिन दानदाताओं के त्याग और भूमि/सहयोग से इस संस्थान की नींव रखी गई, उन्हें ही औपचारिक कार्यक्रमों में विस्मृत किया जा रहा है, जिससे पूरा लोधी समाज आहत है।
प्रतिनिधियों ने प्राचार्य से मिलकर जताई कड़ी आपत्ति
मामला तूल पकड़ते ही लोधी समाज के अध्यक्ष शैलेन्द्र लोधी, उपाध्यक्ष टुकेश्वर लोधी, महाविद्यालय के सांसद प्रतिनिधि सूरज लोधी,पालिका प्रतिनिधि और पार्षद संतोष लोधी ने शासकीय महाविद्यालय आरंग की प्राचार्य डॉ. अभया रा. जोगलेकर से मुलाकात की और मौखिक रूप से अपनी गंभीर नाराजगी दर्ज कराई। प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि महापुरुषों और दानदाताओं का सम्मान हर हाल में कायम रहना चाहिए।
देखना यह होगा कि लोधी समाज द्वारा जताई गई इस कड़ी आपत्ति के बाद महाविद्यालय प्रशासन इस गलती में क्या सुधार करता है या आगामी कार्यक्रमों के लिए क्या कदम उठाता है।

