आरंग जनपद पंचायत के अंतर्गत ग्राम पंचायत नरदहा में विकास कार्यों के क्रियान्वयन और गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने गौण खनिज मद से स्वीकृत एक मुख्य मार्ग के निर्माण में स्वीकृत तकनीकी मानदंडों के उल्लंघन और प्रयुक्त सामग्री की गुणवत्ता पर भारी अनियमितता का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण के दौरान बुनियादी सिविल इंजीनियरिंग मानकों की अनदेखी की जा रही है, जिससे सरकारी निधि के निष्प्रभावित होने और भविष्य में बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुँचने की प्रबल संभावना है।
तकनीकी मानकों की अनदेखी: बिना बेस वर्क के सीधे ढलाई
सड़क निर्माण से जुड़े सिविल इंजीनियरिंग दिशानिर्देशों के अनुसार, कंक्रीट (सीसी रोड) ढालने से पूर्व सतह का समतलीकरण और समुचित रोलिंग (कुटाई) आवश्यक होती है। इसके पश्चात मुरम और गिट्टी/बजरी का एक सुदृढ़ ‘सब-बेस’ एवं ‘बेस’ तैयार किया जाता है, जो सड़क को भार सहने की क्षमता और दीर्घकालिक मजबूती प्रदान करता है। हालाँकि, नरदहा में चल रहे इस निर्माण कार्य स्थल से प्राप्त जानकारी के अनुसार, बेस तैयार करने के लिए मुरम या बजरी की एक परत भी नहीं बिछाई गई। इसके स्थान पर, घटिया श्रेणी की गीली ‘ईंट राखड़’ (Fly Ash) को सीधे धरातल पर डालकर उसके ऊपर आनन-फानन में कंक्रीट की ढलाई प्रारंभ कर दी गई।
इसके अतिरिक्त, कंक्रीट और बेस के बीच नमी के सही संधारण एवं रिसाव रोकने के लिए प्रयुक्त होने वाली अनिवार्य पॉलीथिन शीटिंग भी प्रारंभ में नहीं लगाई गई थी। स्थानीय रहवासियों द्वारा निर्माण स्थल पर आपत्ति जताए जाने और कार्य रुकवाने के पश्चात ही ठेकेदार द्वारा पॉलीथिन बिछाने की प्रक्रिया शुरू की गई।
भूमिगत जल-जीवन मिशन (नल-जल योजना) की पाइपलाइन पर क्षतिग्रस्त होने का खतरा
इस निर्माण कार्य से जुड़कर एक अन्य प्रमुख तकनीकी लापरवाही सामने आई है। प्रस्तावित सड़क मार्ग के ठीक नीचे ‘नल-जल योजना’ की मुख्य वितरण पाइपलाइन स्थापित है। हाल ही में स्थानीय नागरिकों ने घरेलू नल कनेक्शन हेतु सड़क के किनारों एवं सतह पर खुदाई की थी। नियमानुसार, पाइपलाइन बिछाने या कनेक्शन हेतु खोदे गए गड्ढों की मिट्टी भरने के पश्चात पानी डालकर उचित कंपैक्शन (रोलिंग) की जानी चाहिए थी, ताकि भूमि का प्राकृतिक धंसाव समाप्त हो सके। आरोप है कि मिट्टी के बैठने का इंतजार किए बिना तथा सतह को ठोस किए बिना ही ताजी ढीली मिट्टी के ऊपर कंक्रीट डाल दिया गया है। विशेषज्ञों एवं ग्रामीणों की आशंका है कि भविष्य में भारी वाहनों की आवाजाही शुरू होते ही सड़क धंसेगी, जिससे नीचे स्थित जल आपूर्ति पाइपलाइन भी टूट जाएगी।
स्थानीय निवासियों ने इस निर्माण कार्य को गुणवत्ताहीन बताते हुए प्रशासन के समक्ष अपनी मांगें रखी हैं:
निष्पक्ष तकनीकी जांच: गौण खनिज मद से जारी निधि के उपयोग और निर्माण स्थल पर प्रयुक्त सामग्री के नमूनों की लोक निर्माण विभाग या सक्षम तकनीकी एजेंसी से निष्पक्ष जांच कराई जाए।
गुणवत्तापूर्ण पुनर्निर्माण: मानकों के विपरीत ढाली गई कंक्रीट परत को हटाकर नियमानुसार मुरम एवं बजरी का मजबूत सब-बेस तैयार कराया जाए।
प्रशासनिक व दंडात्मक कार्रवाई: निर्माण की सतत निगरानी में विफल रहे विभागीय उप-अभियंता पर उत्तरदायित्व तय किया जाए एवं लापरवाही बरतने वाली निर्माण एजेंसी (ठेकेदार) के विरुद्ध नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जब आरंग जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) राजेन्द्र पांडेय से संपर्क किया गया, तो उन्होंने कहा “ग्राम पंचायत नरदहा में सीसी रोड निर्माण में अनियमितता संबंधी शिकायत संज्ञान में आई है। संबंधित तकनीकी टीम को तत्काल कार्यस्थल का भौतिक निरीक्षण करने हेतु निर्देशित कर दिया गया है। जांच रिपोर्ट में यदि निर्माण सामग्री अथवा प्रक्रिया में कोई भी तकनीकी खामी या लापरवाही पाई जाती है, तो नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

