आरंग महानदी रेलवे स्टेशन में प्रमुख एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव और आरक्षण केंद्र की वर्षों पुरानी मांग को लेकर पहल तेज हो गई है। छत्तीसगढ़ चर्म शिल्पकार विकास बोर्ड के अध्यक्ष (राज्य मंत्री दर्जा) ध्रुव कुमार मिर्धा की मांग पर संज्ञान लेते हुए छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को डीओ (अर्ध शासकीय) पत्र भेजा है। इसमें उन्होंने जनहित में ट्रेनों का ठहराव सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।
5 लाख की आबादी को 20 से 40 किमी दूर जाने की मजबूरी

ध्रुव कुमार मिर्धा ने विधानसभा अध्यक्ष को सौंपे ज्ञापन में बताया कि आरंग नगर और विकासखंड की जनसंख्या लगभग 5 लाख है। यह क्षेत्र ऐतिहासिक, धार्मिक और व्यापारिक दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण है। साथ ही, आरंग से मात्र 6 किलोमीटर दूर ग्राम भिलाई में सीआरपीएफ (CRPF) कैंप स्थित है।
राजधानी रायपुर से महज 20 किलोमीटर दूर और प्रदेश का सबसे बड़ा विकासखंड होने के बावजूद आरंग महानदी रेलवे स्टेशन में न तो प्रमुख ट्रेनों का स्टॉपेज है और न ही यहाँ रेलवे आरक्षण केंद्र की सुविधा उपलब्ध है। इस कारण स्थानीय यात्रियों, व्यापारियों और जवानों को 20 किलोमीटर दूर महासमुंद या 40 किलोमीटर दूर रायपुर स्टेशन जाना पड़ता है, जिससे उन पर आर्थिक भार और समय की बर्बादी होती है। उल्लेखनीय है कि आरंग महानदी रेलवे स्टेशन अब अपने नए भवन में शिफ्ट भी हो चुका है।
इन प्रमुख ट्रेनों के ठहराव (कम से कम 6 माह के प्रायोगिक स्टॉपेज) की मांग की गई है:
कोरबा-विशाखापटनम लिंक एक्सप्रेस (गाड़ी संख्या: 18517 / 18518)
दुर्ग-पूरी इंटरसिटी एक्सप्रेस (गाड़ी संख्या: 18426 / 18425)
निज़ामुद्दीन-विशाखापटनम समता एक्सप्रेस (गाड़ी संख्या: 12807 / 12808)
डॉ. रमन सिंह ने पत्र में लिखा- ‘शीघ्र हो जनहित में कार्रवाई‘

ध्रुव कुमार मिर्धा के पत्र को आधार बनाते हुए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने 24 अगस्त को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्राचार किया। डॉ. सिंह ने अपने पत्र में उल्लेख किया कि आरंग क्षेत्र की बड़ी आबादी को बिलासपुर, कोरबा और रायपुर यात्रा के दौरान अत्यधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इन तीनों ट्रेनों के आरंग महानदी स्टेशन पर ठहराव मिलने से क्षेत्र की जनता को बड़ी राहत और यात्रा में सुविधा होगी। उन्होंने रेल मंत्री से जनहित में जल्द आवश्यक निर्देश जारी करने का अनुरोध किया है।
इस पहल से आरंग और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों में ट्रेनों के स्टॉपेज मिलने की उम्मीद जगी है।

