राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर द्वारा जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार के राष्ट्रीय नदी संरक्षण निदेशालय (NRCD) द्वारा वित्त पोषित cMahanadi (CAMP) परियोजना के अंतर्गत ‘स्वच्छता ही सेवा (SHS) 2026’ अभियान का उत्साहपूर्वक आयोजन किया गया। इस वर्ष की थीम “स्वच्छता में सहभाग; स्वच्छ भारत, विकसित भारत” के तहत जन-भागीदारी, युवा सहभागिता और सामूहिक कार्रवाई को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न जागरूकता एवं स्वच्छता गतिविधियों का आयोजन हुआ।
महादेव घाट पर स्वैच्छिक श्रमदान एवं स्वच्छता अभियान: राष्ट्रव्यापी “एक दिन, एक घंटा, एक साथ” पहल के तहत खारून नदी के महादेव घाट पर विशेष श्रमदान अभियान चलाया गया। हाल ही में आई बाढ़ के बाद घाट की स्थिति का आकलन कर गहन सफाई की गई, जिससे नदी तट को स्वच्छ और सुरक्षित बनाया जा सके।
सामाजिक जागरूकता एवं जन-संवाद:घाट पर उपस्थित नागरिकों एवं श्रद्धालुओं के साथ संवाद स्थापित कर कचरा न फैलाने, जिम्मेदार अपशिष्ट निपटान और जल स्रोतों को स्वच्छ रखने हेतु प्रेरित किया गया।

cMahanadi (CAMP) परियोजना के तहत वृक्षारोपण: एनआईटी रायपुर परिसर में हरित और स्वच्छ वातावरण को बढ़ावा देने के लिए बड़े पैमाने पर पौधरोपण किया गया। इसमें छात्रों एवं संस्थान के सदस्यों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
स्वच्छता जागरूकता रैली एवं शपथ: संस्थान के इको क्लब, एनसीसी (NCC) और एनएसएस (NSS) की इकाइयों द्वारा परिसर में एक भव्य स्वच्छता रैली निकाली गई। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी संकाय सदस्यों, अधिकारियों एवं विद्यार्थियों को दैनिक जीवन में स्वच्छता अपनाने और जिम्मेदार नागरिक आचरण हेतु स्वच्छता शपथ दिलाई गई।
संस्थान नेतृत्व एवं मुख्य संदेश: कार्यक्रम में एनआईटी रायपुर के वरिष्ठ प्राध्यापकों एवं प्रशासनिक अधिकारियों की सक्रिय गरिमामयी उपस्थिति रही। CAMP महानदी परियोजना के प्रमुख डॉ. समीर बाजपेयी ने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा: “स्वच्छता केवल एक दिन का अभियान नहीं, बल्कि हमारी दिनचर्या और सामाजिक जिम्मेदारी का हिस्सा है। cMahanadi परियोजना के माध्यम से हम युवाओं और समुदाय को नदियों के संरक्षण एवं पर्यावरणीय उत्तरदायित्व से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।
यह संपूर्ण आयोजन एनआईटी रायपुर में ‘cMahanadi – महानदी नदी बेसिन के लिए स्थिति आकलन एवं प्रबंधन योजना’ (CAMP) परियोजना के तत्वावधान में आयोजित किया गया, जिसे राष्ट्रीय नदी संरक्षण निदेशालय (NRCD), जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा वित्तीयसहायता प्राप्त है।

