एनआईटी रायपुर: राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर के मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान विभाग द्वारा “अंग्रेजी शोध में नई सीमाओं की खोज” विषय पर आयोजित एक सप्ताह की स्व-वित्तपोषित वर्चुअल कार्यशाला का 7 से 11 सितंबर 2026 तक सफलतापूर्वक आयोजन किया गया।

इस कार्यशाला को देशभर के विभिन्न संस्थानों से आए संकाय सदस्यों, शोधार्थियों, स्नातकोत्तर एवं स्नातक विद्यार्थियों तथा अंग्रेजी साहित्य में रुचि रखने वाले प्रतिभागियों की उत्साहजनक भागीदारी प्राप्त हुई।

पांच दिनों तक आयोजित इस कार्यशाला में IIT कानपुर, IIT रुड़की, IIT मद्रास, IIT भिलाई, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, IIIT नया रायपुर और केंद्रीय राजस्थान विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित विशेषज्ञों ने अंग्रेजी शोध के उभरते क्षेत्रों पर प्रतिभागियों को मार्गदर्शन प्रदान किया। इनमें उत्तर-मानवतावाद (Post-Humanism), उत्तर-औपनिवेशिक साहित्य (Postcolonial Literature), एंथ्रोपोसीन अध्ययन (Anthropocene Studies), शहरी साहित्यिक अध्ययन (Urban Literary Studies), स्मृति अध्ययन (Memory Studies), डिजिटल ह्यूमैनिटीज (Digital Humanities) और दिव्यांगता अध्ययन (Disability Studies) जैसे विषय शामिल रहे।

कार्यशाला का समापन समापन समारोह के साथ हुआ, जिसमें एनआईटी रायपुर के कॉर्पोरेट रिलेशंस एवं रिसोर्स मोबिलाइजेशन के डीन प्रो. एस. सान्याल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अपने संबोधन में प्रो. सान्याल ने विभाग के प्रयासों की सराहना की और प्रतिभागियों को अंग्रेजी अध्ययन के उभरते आयामों की निरंतर खोज एवं अध्ययन के लिए प्रोत्साहित किया। कार्यशाला में सफलतापूर्वक भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।

कार्यक्रम का संयोजन प्रो. जया द्विवेदी द्वारा किया गया। डॉ. वाई. विजया बाबू और डॉ. संदीप सरकार ने पाठ्यक्रम समन्वयक के रूप में अपनी भूमिका निभाई। कार्यक्रम के सफल आयोजन में छात्र आयोजन समिति ने भी महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया।

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