➔ 22 वर्षीय पड़ोसी ही निकला हत्यारा; जादू-टोने के शक और जेवरात लूटने की नीयत से दिया वारदात को अंजाम
➔ आरोपी गिरफ्तार, आला-ए-कत्ल और सोने-चांदी के शत-प्रतिशत जेवरात बरामद
रायपुर ग्रामीण की थाना आरंग पुलिस ने ग्राम बिरबिरा में हुए अंधे कत्ल और सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड (Double Murder Case) का महज 48 घंटे के भीतर पर्दाफाश कर बड़ी सफलता हासिल की है। अपनी मां की मौत का जिम्मेदार जादू-टोने को मानकर रंजिश पालने वाले पड़ोसी युवक ने ही बुजुर्ग दंपत्ति की बेहद नृशंसता से हत्या कर लूटपाट की थी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और लूट का शत-प्रतिशत माल बरामद कर लिया है।
घर में ही मिली थी दंपत्ति की खून से लथपथ लाश

दिनांक 8 अक्टूबर 2026 को ग्राम बिरबिरा के सरपंच चम्मन लाल साहू ने थाना आरंग पहुंचकर सूचना दी कि गांव के बुजुर्ग सदाशी साहू और उनकी पत्नी आसबती साहू की उनके ही घर में घुसकर अज्ञात हमलावर ने धारदार हथियार से निर्मम हत्या कर दी है।
घटना की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी निरीक्षक नरेश साहू के नेतृत्व में पुलिस टीम, फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स (Forensic Experts) और डॉग स्क्वायड के साथ तुरंत मौके पर पहुंची। घर के अलग-अलग कमरों में दंपत्ति के शव खून से लथपथ मिले। पुलिस ने तत्काल भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) एवं 331(7) के तहत अपराध क्रमांक 481/2026 दर्ज कर तफ्तीश तेज कर दी।
🔪 हत्या के दो मुख्य कारण: ‘अंधविश्वास’ और ‘लूट का लालच’
विवेचना के दौरान पुलिस ने संदेह के आधार पर गांव के ही 22 वर्षीय प्रमोद उर्फ रॉकी साहू (पिता सुशील साहू) को हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ की। पुलिसिया पूछताछ में आरोपी ने टूटकर अपना जुर्म कबूल कर लिया और हत्या की चौंकाने वाली वजह बताई-
मां की मौत का बदला (अंधविश्वास): आरोपी की मां का निधन एक वर्ष पूर्व हुआ था। आरोपी को शक था कि पड़ोसी दंपत्ति ने जादू-टोना (टोनही) करके उसकी मां को मार डाला है।
कीमती जेवरातों का लालच: आरोपी जानता था कि दंपत्ति के पास काफी जमीन है और मृतिका आसबती हमेशा सोने-चांदी के कीमती जेवर पहनती हैं। हत्या के बाद उसने जेवर हड़पने की योजना भी बनाई थी।
विशेष कानून की धाराएं जुड़ीं: मामले में टोनही के संदेह की पुष्टि होने पर दर्ज अपराध में BNS की धारा 109(6) तथा छत्तीसगढ़ टोनही प्रताड़ना निवारण अधिनियम की धारा 4 व 5 भी जोड़ी गई हैं।
छत के रास्ते घुसा, सिर पर कुल्हाड़ी से किए ताबड़तोड़ वार
आरोपी ने पूछताछ में खुलासा किया कि 6 अक्टूबर 2026 की रात लगभग 11:30 बजे जब परिजन सो गए, तब वह कुल्हाड़ी (टंगिया) और हंसिया लेकर निकला। पड़ोसियों की छतों से होते हुए वह सदाशी साहू के मकान में उतरा। उसने पहले कमरे में सो रहे सदाशी साहू के सिर पर टंगिया से जोरदार वार कर उन्हें मौत के घाट उतारा। इसके बाद दूसरे कमरे में सो रही आसबती साहू के सिर व गले पर टंगिया से और सीने-पेट पर हंसिया से हमला कर उनकी भी हत्या कर दी।
सबूत छिपाने की कोशिश: हत्या के बाद आरोपी ने मृतिका के शरीर से चांदी का कमरबंध, ऐंठी, माला, सोने की खिनवा, अंगूठी, बिछिया और सिक्के लूट लिए। खून से सने हथियारों को नाली में धोकर सफेद बोरी में भरा और तामासिवनी रोड किनारे झाड़ियों में छिपा दिया था।
आरोपी गिरफ्तार, न्यायिक रिमांड पर भेजा गया जेल
पुलिस ने आरोपी प्रमोद की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी, हंसिया, खून से सनी जींस पैंट और लूटे गए 100% सोने-चांदी के जेवरात बरामद कर लिए हैं। आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका
इस अंधे कत्ल की गुत्थी को 48 घंटे में सुलझाने में:
निरीक्षक नरेश साहू (थाना प्रभारी, आरंग)
सहायक उपनिरीक्षक पुष्पानंद ध्रुव
आरक्षक: महेंद्र बघेल, दीनदयाल सोनवानी एवं दुर्गेश चंद्राकर की विशेष व सराहनीय भूमिका रही।

